संदीप देव –
काशी विद्वानों की नगरी कही गई है। यहां एक 80 वर्षीय बुजुर्ग रहते हैं। नाम है सच्चिदानंद चतुर्वेदी। अपने आरंभिक काल में ‘हिंदू राइटर्स फोरम’ का गठन अपने जैसे हिंदुओं के साथ मिलकर किया था और कलम के जरिए हिंदुओं को जगाने का बीड़ा उठाया था। वह काम आज भी जारी है।
प्रसिद्ध लेखक अली सीना ने इस्लाम के पैगम्बर मुहम्मद की एक मनोवैज्ञानिक जीवनी लिखी थी, ‘अंडरस्टैंडिंग मुहम्मद एंड इस्लाम।’ यह पुस्तक विश्व भर में प्रसिद्ध हुई।
हिंदी के पाठकों तक यह कैसे पहुंचे? इसका प्रयास किया सच्चिदानंद चतुर्वेदी जी ने। उन्होंने इस पुस्तक का उच्च स्तर का हिंदी अनुवाद न केवल किया, बल्कि अपने पैसे से इसे छपवाकर, स्वयं इस उम्र में पोस्ट ऑफिस जाकर वह जिज्ञासु हिंदुओं को यह पुस्तक भेजते हैं। मुझे भी भेजा है। मैंने उनकी यह पुस्तक Kapot Prakashan & e-commerce पर उपलब्ध कराया है ताकि यह हिंदुओं तक भी पहुंचे, सच्चिदानंद जी का काम थोड़ा आसान हो जाए और प्रिंटिंग में उनके जो पैसे लगे हैं, वह भी पुस्तक की बिक्री से उनको मिल जाए।
