पाकिस्तान एक देश नहीं, एक सोच है! जब तक इस सोच पर प्रहार नहीं किया जाएगा, पाकिस्तान बार-बार भारत और भारत के हिंदुओं को जख्म देता रहेगा। इस जहरीले सांप को बार-बार भारत ने छोड़ा है। इस बार भी अवसर था, लेकिन इस बार भी उसका फन नहीं कुचला जा सका!
भारत और हिंदू विरोध पर जिंदा यह विचारधारा शांत होने वाला नहीं, बल्कि पलटकर पीठ में छुरा घोंपने की इसकी पुरानी आदत है। इसने अभी-अभी इसे साबित भी किया है, सीजफायर का बार-बार उल्लंघन करके।
भारत और हिंदुओं की दिक्कत यह है कि वह पाकिस्तान को केवल एक भौगोलिक ईकाई मानता है, क्योंकि वह पाकिस्तानी सोच के इतिहास से परिचित नहीं है। बहुत दिनों बाद एक ऐसी पुस्तक हाथ लगी है जो पाकिस्तान से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों, राजनीतिक सच्चाइयों और आर्थिक विसंगतियों को उजागर किया करता है। पाकिस्तान के सभी गंभीर पर्यवेक्षकों के लिए यह पुस्तक आवश्यक है।
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