
संदीप देव
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अलावा जनसंघ के संस्थापकों में एक नाम बलराज मधोक का था।जनसंघ का घोषणा पत्र उन्हीं ने बनाया था। बाद में वह जनसंघ के अध्यक्ष भी बने। दीन दयाल उपाध्याय जी इनके बाद ही अध्यक्ष बने थे।
उन्होंने तीन खंडों में अपनी जीवनी लिखी थी- ‘जिंदगी का सफर’! यह जीवनी एक राजनीतिक थ्रिलर है, खासकर जनसंघ के उस इतिहास को लेकर जो अभी तक दबाया हुआ है।
जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस का भी काला चेहरा इस जीवनी में प्रकट हुआ है। साथ ही संघ-जनसंघ के उन बड़े नेताओं का काला चेहरा भी सामने आया है, जिनके बारे में बहुत कुछ मनगढ़ंत कहानी बना कर उनका महिमामंडन किया गया है!
