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Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)
S(H)indh Ka Sangharsh
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)S(H)indh Ka Sangharsh
“प्रस्तुत पुस्तक ‘सि(हि)न्ध का संघर्ष’ व्यक्तिगत क्षति और एक पौत्र की अपने दादा की स्मृति को सँजोए रखने की गहरी इच्छा से जनमी एक श्रद्धांजलि है और स्मरण का आह्वान भी। पीढ़ियों से चली आ रही कहानियों के माध्यम से, यह सिंधी हिंदू समुदाय – जिसकी जड़ें सिंधु नदी के तट और सिंध की प्राचीन विरासत तक फैली हैं-के इतिहास, संस्कृति और अदम्य इच्छाशक्ति का विश्लेषण करती है।
इस पुस्तक का मुख्य विषय विस्थापन की पीड़ा, विभाजन के आघात और उन अनगिनत सिंधी हिंदुओं के मौन दुःख का चिंतन है, जिन्हें अपनी पैतृक भूमि छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह इस बात की पड़ताल करती है कि कैसे भाषा, परंपराओं और सामूहिक स्मृति का क्षरण विश्व की सबसे पुरानी तथा जीवंत हिंदू सभ्यताओं में से एक के अस्तित्व को खतरे में डाल रहा है। साथ ही यह उस लचीलेपन, उद्यमशीलता और सांस्कृतिक समृद्धि को भी रेखांकित करती है, जिसने सिंधियों को दुनिया भर में फलने-फूलने में सक्षम बनाया है।
यह पुस्तक पाकिस्तान में बसे सिंधी हिंदुओं के समक्ष निरंतर आने वाली चुनौतियों पर भी प्रकाश डालती है; विशेष रूप से कमजोर अल्पसंख्यक समुदायों के उत्पीड़न पर वैश्विक और उनकी दुर्दशा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करती है।
यह केवल एक ऐतिहासिक विवरण नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी से अपनी जड़ों से पुनः जुड़ने और अपनी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की अपील है। यह एक आह्वान है कि सिंध का जीवंत इतिहास और संस्कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए यों ही फलती-फूलती रहे।”SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)
Mera Sambhal Mahan
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)Mera Sambhal Mahan
“मेरा संभल महान्’ में हिंदू ललनाओं की जीवित जल-समाधियों में संभल की सृष्टिकालीन पौराणिकता को अत्यंत सूक्ष्म एवं विधिवत् रूप से प्रस्तुत कर श्लाघनीय कार्य किया है, जिसमें उन्होंने अधिकतम उपलब्ध तीर्थ-क्षेत्रों, मंदिरों एवं पवित्र कुंडों के भव्य एवं भव्य चित्रांकन के साथ उनका सृष्टिकालीन प्रस्तुतीकरण एवं महत्ता पर प्रकाश डालते हुए एक ही स्थान पर संकलित कर हिंदू समाज को आलोकित एवं प्रफुल्लित करने का महती कार्य हुआ है।
देश की स्वतंत्रता-प्राप्ति के पश्चात् राजनीति के अधोपतन एवं मुसलिम तुष्टीकरण के कारण संभल के हिंदुओं को अपने ही देश में जो धार्मिक कट्टरता-धर्मांधता तथा जिहाद की भावना से विद्वेष की मर्मांतक अकल्पनीय पीड़ा को भोगना एवं झेलना पड़ा, उसका भी सटीक और वास्तविक वर्णन एवं प्रस्तुतीकरण कर अदम्य साहस का परिचय दिया है लेखक ने।”
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)
Aghori: Sanatan ke Ajey Rakshak
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)Aghori: Sanatan ke Ajey Rakshak
“अघोरी ! यह शब्द और पंथ दोनों ही लोक-जगत् के लिए सदा से अबूझ और रहस्यों से भरा रहा है। अर्वाचीनकाल से ही धर्म का आवरण लपेटकर कर्मकांड की खोल ओढ़े पोंगापंथियों ने अपना भेद खुल जाने और अपने स्वार्थवश आमजन के मन में अघोर को भय, जुगुप्सा और कौतूहल से भरा हुआ डरावना रूप बना दिया। अघोर की श्मशान सहित अनेक रहस्यमय साधनाएँ और उनका कठोर व्यवहार भी इसका एक महत्त्वपूर्ण कारक रहा है।
हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में संपूर्णता के साथ अघोर साहित्य बहुत ही कम मिलता है, यद्यपि इनका वर्णन सर्वकाल में हुआ है। इस पुस्तक के प्रथम रुद्राक्ष आविर्भाव में इस पंथ का अभ्युदय, द्वितीय रुद्राक्ष रहस्य में साधना और लोक पक्ष तथा तृतीय रुद्राक्ष धरोहर में प्रमुख अघोरियों की जीवनी है। ‘सनातन के अजेय रक्षक’ के रूप में विश्व कल्याण में सतत प्रयत्नरत अघोर पंथ को सहजता से निरूपित करने का तृणमात्र प्रयास है। इस वैचारिक श्मशान-यात्रा में प्रवेश करें, जहाँ आपकी पुरानी धारणाओं की अंत्येष्टि होगी तथा एक नई, निर्भय और अघोर दृष्टि का पुनर्जन्म होगा।”
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Satya Aur Snatan The Hum
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)Satya Aur Snatan The Hum
प्रस्तुत संकलन की कविताएँ दो खंडों में विभाजित हैं। प्रथम खंड की कविताएँ एक साहित्यिक यात्रा की तरह हैं, जो प्राचीन काशी नगरी से आरंभ होकर भारत – भूमि की सनातन संस्कृति, उच्च आदर्शों और इतिहास के कुछ गौरवपूर्ण दृष्टांतों से होते हुए आधुनिक काल में भारत के विभाजन और इसके पराधीन इतिहास के दंश को दरशाती हैं और पुनरुत्थान के यज्ञ के आह्वान के साथ पूर्ण होती हैं। द्वितीय खंड की कविताओं में मानव मन के विविध प्रकार के विचारों, भावों और अनुभवों का सजीव चित्रण किया गया है, जिनसे पाठक सहजता के साथ अपना जुड़ाव महसूस कर सकेंगे।
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)
Rahasyamay Lok
आज तक रहस्यमय लोक रहस्य ही बना हुआ है। जो लेखक, तांत्रिक, उपन्यासकार अपनी लेखनी उठाते भी हैं, तो उस रहस्यमय लोक से परदा नहीं उठाते बल्कि उसे और रहस्यमय बना देते हैं। इस कारण आज के अनेक युवा गहन वनों, पर्वतों, तिब्बत के पर्वतीय भागों में खाक छानते हुए अपने प्राण गँवा देते हैं। जो युवक अपने अंदर के रहस्यमय लोक को देख लेगा, उसके सिर से बाहर का, पृथ्वी का, अंतरिक्ष का रहस्यमय लोक खुल जाएगा। फिर वह इसी शरीर से या इस शरीर को सुरक्षित रखकर अपने सूक्ष्म शरीर, कारण शरीर, आत्म शरीर से सुगमतापूर्वक यात्रा कर सकता है। यह यात्रा कठिन नहीं है, न ही दुस्साध्य है। आवश्यकता है, आपको अपने अंदर की पात्रता की, श्रद्धा-सेवा एवं समर्पण की।
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Hindi Books, Rajpal and Sons, उपन्यास, सही आख्यान (True narrative)
Vidyapati – Kaljayi Kavi Aur Unka Kavya
Hindi Books, Rajpal and Sons, उपन्यास, सही आख्यान (True narrative)Vidyapati – Kaljayi Kavi Aur Unka Kavya
हैदराबाद में आपका स्वागत है! निज़ामों का शहर, मोतियों का शहर, झीलों का शहर और साइबराबाद—हैदराबाद को इतने सारे नामों से क्यों जाना जाता है? जानने के लिए पढ़ें इस शाही शहर की कहानी!
भारत के प्रसिद्ध शहरों और नगरों की कहानियों को करीबी से जानिए, मनोरंजक अन्दाज़ में लिखी और सुंदर चित्रों से भरपूर इस अद्भुत शृंखला के साथ!
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Hindi Books, Rajpal and Sons, उपन्यास, सही आख्यान (True narrative)
Hyderabad Ki Kahani
हैदराबाद में आपका स्वागत है! निज़ामों का शहर, मोतियों का शहर, झीलों का शहर और साइबराबाद—हैदराबाद को इतने सारे नामों से क्यों जाना जाता है? जानने के लिए पढ़ें इस शाही शहर की कहानी!
भारत के प्रसिद्ध शहरों और नगरों की कहानियों को करीबी से जानिए, मनोरंजक अन्दाज़ में लिखी और सुंदर चित्रों से भरपूर इस अद्भुत शृंखला के साथ!
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, प्रेरणादायी पुस्तकें (Motivational books), सही आख्यान (True narrative)
Amar Krantikari Madanlal Dhingra
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, प्रेरणादायी पुस्तकें (Motivational books), सही आख्यान (True narrative)Amar Krantikari Madanlal Dhingra
मदनलाल ढींगरा का जन्म 18 सितंबर, 1883 को पंजाब प्रांत के एक संपन्न हिंदू परिवार में हुआ था। उनके पिता दित्तामलजी सिविल सर्जन थे और अंग्रेजी रंग में पूरी तरह रँगे हुए थे; किंतु माताजी अत्यंत धार्मिक एवं भारतीय संस्कारों से परिपूर्ण महिला थीं। उनका परिवार अंग्रेजों का विश्वासपात्र था। जब मदनलाल को भारतीय स्वतंत्रता संबंधी क्रांति के आरोप में लाहौर के एक कॉलेज से निकाल दिया गया तो परिवार ने मदनलाल से नाता तोड़ लिया।
फिर अपने बडे़ भाई की सलाह पर सन् 1906 में वह उच्च शिक्षा प्राप्त करने इंग्लैंड चले गए, जहाँ उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन में यांत्रिक प्रौद्योगिकी में प्रवेश ले लिया। लंदन में ढींगरा प्रख्यात राष्ट्रवादी विनायक दामोदर सावरकर एवं श्यामजी कृष्ण वर्मा के संपर्क में आए। मदनलाल इंडिया हाउस में रहने लगे थे। वहाँ के सभी देशभक्त खुदीराम बोस, कन्हाई लाल दत्त, सतिंदर पाल और काशी राम जैसे क्रांतिकारियों को मृत्युदंड दिए जाने से बहुत क्रोधित थे।
9 जुलाई, 1909 की शाम को इंडियन नेशन एसोसिएशन के वार्षिकोत्सव में भाग लेने के लिए भारी संख्या में भारतीय और अंग्रेज इकट्ठा हुए। जैसे ही सर विलियम हट कर्जन वायली अपनी पत्नी के साथ हॉल में घुसे, मदनलाल ढींगरा ने उनके चेहरे पर पाँच गोलियाँ दाग दीं।
23 जुलाई, 1909 को मदनलाल ढींगरा के केस की सुनवाई के बाद 17 अगस्त, 1909 को ब्रिटिश सरकार द्वारा उन्हें फाँसी पर लटका दिया गया। वे मरकर भी अमर हो गए।
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, प्रेरणादायी पुस्तकें (Motivational books), सही आख्यान (True narrative)
Mera Rang De Basanti Chola
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, प्रेरणादायी पुस्तकें (Motivational books), सही आख्यान (True narrative)Mera Rang De Basanti Chola
क्रांतिवीर भगत सिंह का नाम सुनते ही माँ भारती के एक ऐसे वीर सपूत की तसवीर सामने आ जाती है, जो मात्र 23 वर्ष की अल्पायु में ही अपनी मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए फाँसी के फंदे पर झूल गए। हुतात्मा भगत सिंह ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद की जड़ें हिला दी थीं। उनकी दृढ़ता, देशभक्ति, आत्मार्पण, संकल्पशीलता अनुकरणीय और अद्भुत थी। वे सदा हम भारतीयों को प्रेरित करते रहेंगे। उनका बलिदान, उनके विचार, उनकी ऊर्जा हमारे मन-मस्तिष्क को सदा भारतवर्ष के लिए समर्पित रहने के लिए बल देती रहेगी। भगत सिंह बहुपठित और अध्ययनशील क्रांतिकारी थे। उनकी दूरदर्शिता और तेजस्विता का ही परिणाम था कि लाखों युवा भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्त करवाने के लिए स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े। शहीद भगत सिंह के जीवन पर अत्यंत प्रामाणिक एवं पठनीय पुस्तक, जो उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर फाँसी के फंदे को चूमने तक के संघर्षशील और त्यागमय जीवन की झलक दिखाती है। इसे पढ़कर हर पाठक के मन में भाव उठेंगे– ‘मेरा रंग दे बसंती चोला ‘।
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Hindi Books, Rajpal and Sons, उपन्यास, सही आख्यान (True narrative)
Premchand Karbala
680 ईसवीं में हुई कर्बला की लड़ाई इस्लाम के इतिहास की एक महत्त्वपूर्ण घटना थी जिसमें पैगम्बर मोहम्मद के पोते और उनके 72 साथियों की शहादत हुई थी। इस लड़ाई को सिद्धांतों और अत्याचार के बीच का संघर्ष माना जाता है और शिया मुसलमान इस दिन को हर वर्ष मनाते हैं।
इसी ऐतिहासिक घटना पर आधारित 1924 में प्रेमचंद का नाटक कर्बला प्रकाशित हुआ था। आम बोलचाल की हिन्दी और उर्दू की मिश्रित भाषा में लिखा यह नाटक लोगों में आपसी सद्भाव बढ़ाने और वैमनस्य दूर करने की प्रेरणा देता है। चूँकि कर्बला की लड़ाई केवल शस्त्रों की लड़ाई नहीं थी, बल्कि नैतिक मूल्यों की रक्षा का एक मानवीय संघर्ष था, इसलिए यह नाटक आज भी प्रासंगिक है।
प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को बनारस के पास छोटे-से गाँव लमही में हुआ था। उनका पूरा नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। बचपन से ही उन्हें पुस्तकों से बहुत लगाव था। सबसे पहले उन्होंने ‘नवाबराय’ उपनाम से अपनी रचनाएँ लिखीं। बाद में उन्होंने ‘प्रेमचंद’ उपनाम अपनाया। उनका आरंभिक लेखन उर्दू में है लेकिन बाद में हिन्दी में लिखना शुरू किया। अपने 56 वर्ष के छोटे-से जीवन में उन्होंने अनेक उपन्यास, दो सौ से अधिक कहानियाँ लिखीं। कम लोग ही जानते हैं कि उन्होंने तीन नाटक भी लिखे हैं, जिसमें से कर्बला सबसे चर्चित है।
8 अक्टूबर 1936 को ‘उपन्यास सम्राट’ प्रेमचंद का स्वर्गवास हो गया।SKU: n/a -
Abrahamic religions (अब्राहमिक मजहब), Hindi Books, Hindu Rights Forum, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)
Muhammad aur Islam evam Bharat ka Bhavishya
Abrahamic religions (अब्राहमिक मजहब), Hindi Books, Hindu Rights Forum, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)Muhammad aur Islam evam Bharat ka Bhavishya
पुस्तक: मुहम्मद और इस्लाम एवं भारत का भविष्य
लेखक: सच्चिदानन्द चतुर्वेदीविवरण:
यह पुस्तक इस्लाम, पैगम्बर मुहम्मद से संबंधित ऐतिहासिक एवं वैचारिक विषयों तथा भारत के भविष्य पर उनके संभावित प्रभावों की चर्चा करती प्रतीत होती है। पुस्तक में धार्मिक, सामाजिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से विभिन्न तर्कों और विचारों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया होगा। इसका उद्देश्य पाठकों को विषय के विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करना है।SKU: n/a -
Ayurvedic Products
LAVIGOLD Premium Cordyceps
कॉर्डिसेप्स मिलिटेरिस (Cordyceps militaris)
प्राकृतिक ऊर्जा, इम्यूनिटी और समग्र स्वास्थ्य का सहयोगीकॉर्डिसेप्स मिलिटेरिस एक उच्च गुणवत्ता वाला औषधीय मशरूम है, जिसका उपयोग सदियों से एशियाई पारंपरिक चिकित्सा में ऊर्जा, सहनशक्ति और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है।
मुख्य विशेषताएँ
✅ लैब-ग्रोन एवं शुद्ध गुणवत्ता
✅ Cordycepin – 10.22 mg/g
✅ Adenosine – 1.82 mg/g
✅ उच्च प्रोटीन, फाइबर एवं आवश्यक विटामिनसंभावित लाभ
ऊर्जा, स्टैमिना और सहनशक्ति बढ़ाने में सहायक
शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को सहयोग
मानसिक एकाग्रता एवं तनाव प्रबंधन में मददगार
हृदय एवं रक्त संचार के लिए लाभकारी
स्वस्थ मेटाबॉलिज्म और समग्र स्वास्थ्य को समर्थन
पुरुष एवं महिला स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पोषण सहयोग
सेवन विधिप्रतिदिन 1–2 ग्राम पाउडर पानी, दूध, चाय या स्मूदी में मिलाकर लें।
सावधानियाँ
गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएँ डॉक्टर की सलाह लें।
मशरूम से एलर्जी होने पर सेवन न करें।
किसी गंभीर बीमारी या दवा के साथ उपयोग से पहले चिकित्सकीय परामर्श लें।
महत्वपूर्ण सूचनायह उत्पाद Food Supplement (खाद्य पूरक) है, औषधि नहीं। यह किसी बीमारी के निदान, उपचार, रोकथाम या इलाज का दावा नहीं करता। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के साथ इसका उपयोग अधिक लाभकारी हो सकता है।
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, Suggested Books, अन्य कथेतर साहित्य, राजनीति, पत्रकारिता और समाजशास्त्र
Samrajya Ka Sahaj Suryasta
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, Suggested Books, अन्य कथेतर साहित्य, राजनीति, पत्रकारिता और समाजशास्त्रSamrajya Ka Sahaj Suryasta
भारत के स्वतंत्रता संग्राम की कहानी कई रंगों और रूपों वाली है। शायद एक सोची-समझी योजना के तहत केवल एक ही रूप-गांधीवादी ‘अहिंसक’ और सत्याग्रही धारा-राष्ट्र की स्मृति में गहराई से बस गया। जैसे-जैसे यह संघर्ष आगे बढ़ा, अंग्रेजों को यह विश्वास होने लगा कि उनके साम्राज्य के लिए अधिक गंभीर खतरा उस दूसरे आंदोलन से है, जो देशभक्ति, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव के एक जोशीले मेल से उत्पन्न हुआ था। इस आंदोलन का प्रतिनिधित्व क्रांतिकारियों, गुप्त समितियों और उनके जैसे अन्य लोगों द्वारा किया जा रहा था।
यह मोनोग्राफ (लघु-शोध ग्रंथ) इस बात पर चर्चा करता है कि किस प्रकार अंग्रेजों ने अपने ‘खतरे की आशंकाओं’ (threat perceptions) के आधार पर स्वतंत्रता सेनानियों को ‘खतरनाक’ और ‘कम खतरनाक’ श्रेणियों में वर्गीकृत किया था। खतरे की इन्हीं आशंकाओं ने जेल की स्थितियों और दी जाने वाली सजाओं को निर्धारित किया। लॉर्ड माउंटबेटन ने सन् 1947-48 में भारत के वायसराय और गवर्नर जनरल के तौर पर अपने लगभग 15 महीने के कार्यकाल के दौरान 200 से भी ज्यादा विदाई समारोहों में भाग लिया था। अहम ब्रिटिश अधिकारियों और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच कायम सौहार्दपूर्ण, अनौपचारिक और निजी संबंधों ने एक तरह से स्वतंत्रता आंदोलन के उस भावनात्मक और ब्रिटिश विरोधी मूल कथानक को कमजोर कर दिया था। यह पुस्तक ऐसे अनजाने तथ्यों को अनावृत करती है।
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