Prabhat Prakashan
Showing 25–48 of 877 results
-
Hindi Books, Prabhat Prakashan, उपन्यास
Aapaatnama
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आपातकाल के जख्म बड़े गहरे हैं। ‘आपातनामा’ उस काली रात की दास्तान है, जिसने उन्नीस महीने तक प्रजातंत्र के सूर्य को उगने ही नहीं दिया। सत्ता का नशा कैसे भ्रष्ट व्यक्तियों को जन्म देता है, यह ‘आपातनामा’ उपन्यास के कथानक से झलकता है। कैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, नौकरशाहों और नेताओं के पास बंदी बना ली गई थी। कैसे न्यायपालिका को कार्यपालिका के हाथों की कठपुतली बनाकर नचाया जा रहा था। देश में किस प्रकार से अराजक तत्त्व मनमानी करने लगे थे और किस प्रकार से तानाशाही को खुलकर खेलने का अवसर मिल रहा था, यह सब इस कथानक के मूल मुद्दे हैं।
‘आपातनामा’ में आपातकाल की हकीकत को बड़ी ही संजीदगी से मर्मस्पर्शी शैली में अभिव्यक्त किया गया है।
सरकार के मौखिक आदेश लोगों पर इस कदर कहर बरसा रहे थे कि कुछ लोग अंग्रेजों के दमनचक्र से भी अधिक खौफनाक दौर से गुजरने लगे थे।
सरकार की अमानुषिक एवं आतंकित कर देनेवाली गतिविधियों से बेबस, समझौतापरस्त, उदासीन जनता को लेखक ने विद्रोह-चेतना का हथौड़ा मारकर जगाया है, जिसे वह क्रांति का लघुदर्शन मानता है, ताकि संसदीय प्रजातंत्र का मजाक न बन सके, अभिव्यक्ति की आजादी कुंठित न हो और व्यक्ति के मौलिक अधिकार सुरक्षित रहें।SKU: n/a -
Prabhat Prakashan, इतिहास, राजनीति, पत्रकारिता और समाजशास्त्र, सही आख्यान (True narrative)
Aarakshan Ka Dansh
Prabhat Prakashan, इतिहास, राजनीति, पत्रकारिता और समाजशास्त्र, सही आख्यान (True narrative)Aarakshan Ka Dansh
आरक्षण का देश में विभिन्न संदर्भों, साक्ष्यों एवं वक्तव्यों के परिप्रेक्ष्य में प्रसिद्ध पत्रकार एवं चिंतक श्री अरुण शौरी ने यह बताने का प्रयास किया गया है कि आरक्षण को लेकर भारत की राजनीति किस दिशा में जा रही है। चूँकि आज राजनेता और राजनीतिक दल अपने कार्य-प्रदर्शन के आधार पर स्वयं को स्थापित नहीं कर पा रहे हैं; अत: इसके लिए उन सबने एक मानक तकनीक अपनाई है—कोई ऐसा बिंदु ढूँढ़ निकालना, कोई ऐसा दोष ढूँढ़ निकालना, जिससे यह दिखाया जा सके कि अमुक समूह या दल पिछड़ गया है—और फिर उस समूह के एकमात्र शुभचिंतक के रूप में, हिमायती के रूप में स्वयं को प्रस्तुत करना। राजनेता कानून-पर-कानून पारित करते चले जाते हैं, लेकिन आरक्षण का दंश किसी भी रूप में कम होने का नाम नहीं लेता। जातिवादी राजनीति से अपना जीवन चलानेवाले राजनेताओं के लंबे-चौड़े और रटे-रटाए भाषणों से फैली पथभ्रष्टता और उसके लिए देश द्वारा चुकाई जा रही कीमत को बखूबी समझा जा सकता है।
इस पुस्तक का विषय आरक्षण पर चली आ रही सार्वजनिक बहस को सामने लाना है, जो विगत तीस वर्षों में अलग-अलग मोड़ और उतार-चढ़ाव लेती आ रही है। विषय को स्पष्ट करने एवं परिणामों को सामने लाने के लिए विद्वान् लेखक ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों को माध्यम बनाया है। ‘आरक्षण’ का विषय अत्यंत चिंतनीय एवं विचारणीय है। इस बहस में सुधी पाठक भी शामिल हों तो इस पुस्तक का प्रकाशन सार्थक होगा।SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, उपन्यास
Aatmanubhooti Ke Khule Rahasya
“गुरदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने एक बार कहा था, “यदि आप भारत को जानना चाहते हैं, तो विवेकानंद को पढ़िए। उनमें आप सबकुछ सकारात्मक ही पाएँगे, नकारात्मक कुछ भी नहीं ।”’
जिस प्रकार कछुआ अपने सिर एवं पैरों को खोल के अंदर समेट लेता है और तब उसे हम मार ही क्यों न डालें, उसके टुकड़े-टुकड़े ही क्यों न कर डालें, पर वह बाहर नहीं निकलता, इसी प्रकार जिस मनुष्य ने अपने मन एवं इंद्रियों को वश में कर लिया है, उसका चरित्र भी सदैव स्थिर रहता है। वह अपनी आभ्यंतरिक शक्तियों को वश में रखता है और उसकी इच्छा के विरुद्ध संसार की कोई भी वस्तु उसे बहिर्मुख होने के लिए विवश नहीं कर सकती।
प्रस्तुत पुस्तक ‘आत्मानुभूति के खुले रहस्य’ में स्वामीजी ने सरल शब्दों में ‘अपने आत्म यानी स्व’ को पहचानने की कला सिखाई है। जो व्यक्ति स्वयं को भलीभाँति पहचान लेता है, उसके जीवन में फिर कभी कोई अभाव नहीं रहता। अपने आपको गहराई से जानने-समझने वाले चिंतनशील व्यक्ति के लिए एक प्रेरक, जीवनोपयोगी और संग्रहणीय पुस्तक ।”
SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, Suggested Books, इतिहास
Abhayarani Abakka
“यह पुस्तक भारत की एक विस्मृत परंतु विलक्षण वीरांगना महारानी अबक्का चौटा के अद्भुत जीवन और संघर्ष को पुनः जनमानस के सम्मुख प्रस्तुत करने का एक सशक्त प्रयास है। इतिहास की परतों में दबे उस स्वर्णिम अध्याय को शब्दों के माध्यम से जीवंत किया गया है, जिसमें साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अद्वितीय निष्ठा की अनुपम मिसाल मिलती है। महारानी अबक्का न केवल विदेशी आक्रांताओं से वीरतापूर्वक लड़ीं, बल्कि एक संगठित सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना की प्रतीक भी रहीं।
यह रचना केवल ऐतिहासिक तथ्यों का संकलन नहीं, बल्कि उस युग की संवेदना, संघर्ष और आत्मगौरव को अनुभूत करने का आमंत्रण है। लेखक का उद्देश्य पाठक को एक ऐसी यात्रा पर ले जाना है, जहाँ वह इतिहास को केवल पढ़े नहीं, बल्कि उसे महसूस भी करे। यह पुस्तक जिज्ञासु मनों में शोध, अन्वेषण और नवलेखन की प्रेरणा जाग्रत् करने का माध्यम बने, यही इसकी सबसे बड़ी सफलता होगी। महारानी अबक्का का तेजस्वी जीवन आज के समय में भी प्रासंगिक है, और यह पुस्तक उस आलोक को पुनर्प्रकाशित करने का विनम्र यत्न है।”SKU: n/a -
Prabhat Prakashan, उपन्यास
Abhishapta Katha
Manu Sharma
मनु शर्मा ने साहित्य की हर विधा में लिखा है। उनके समृद्ध रचना-संसार में आठ खंडों में प्रकाशित ‘कृष्ण की आत्मकथा’ भारतीय भाषाओं का विशालतम उपन्यास है। ललित निबंधों में वे अपनी सीमाओं का अतिक्रमण करते हैं तो उनकी कविताएँ अपने समय का दस्तावेज हैं। जन्म : सन् 1928 की शरत् पूर्णिमा को अकबरपुर, फैजाबाद में। शिक्षा : काशी विश्वविद्यालय, वाराणसी।
किताबें : ‘तीन प्रश्न’, ‘राणा साँगा’, ‘छत्रपति’, ‘एकलिंग का दीवान’ ऐतिहासिक उपन्यास; ‘मरीचिका’, ‘विवशता’, ‘लक्ष्मणरेखा’, ‘गांधी लौटे’ सामाजिक उपन्यास तथा ‘द्रौपदी की आत्मकथा’, ‘द्रोण की आत्मकथा’, ‘कर्ण की आत्मकथा’, ‘कृष्ण की आत्मकथा’, ‘गांधारी की आत्मकथा’ और ‘अभिशप्त कथा’ पौराणिक उपन्यास हैं। ‘पोस्टर उखड़ गया’, ‘मुंशी नवनीतलाल’, ‘महात्मा’, ‘दीक्षा’ कहानी-संग्रह हैं। ‘खूँटी पर टँगा वसंत’ कविता-संग्रह है, ‘उस पार का सूरज’ निबंध-संग्रह है।
सम्मान और अलंकरण : गोरखपुर विश्व-विद्यालय से डी.लिट. की मानद उपाधि। उ.प्र. हिंदी संस्थान का ‘लोहिया साहित्य सम्मान’, केंद्रीय हिंदी संस्थान का ‘सुब्रह्मण्यम भारती पुरस्कार’, उ.प्र. सरकार का सर्वोच्च सम्मान ‘यश भारती’ एवं साहित्य के लिए म.प्र. सरकार का सर्वोच्च ‘मैथिलीशरण गुप्त सम्मान’।SKU: n/a -
Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, राजनीति, पत्रकारिता और समाजशास्त्र
Acharya Chanakya Ki Kahaniyan
Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, राजनीति, पत्रकारिता और समाजशास्त्रAcharya Chanakya Ki Kahaniyan
चाणक्य के काल में पाटलीपुत्र (वर्तमान में पटना) बहुत शक्तिशाली राज्य मगध की राजधानी था। उस समय नंदवंश का साम्राज्य था और राजा था धनानंद। कुछ लोग इस राजा का नाम महानंद भी बताते हैं। एक बार महानंद ने भरी सभा में चाणक्य का अपमान किया था और इसी अपमान का प्रतिशोध लेने के लिए आचार्य ने चंद्रगुप्त को युद्धकला में पारंपत किया।
SKU: n/a -
Prabhat Prakashan, प्रेरणादायी पुस्तकें (Motivational books)
ACHCHHA BOLNE KI KALA AUR KAMYABI
प्रखर वक्ता होना, ओजस्वी वाणी का स्वामी होना, प्रभावी शैली में श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर देने की क्षमता जिसमें हो, वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक सफल होने की संभावना रखता है। बातचीत करना भाषण की कला सीखने का सबसे पहला सिद्धांत है। शुरुआती दौर में स्वर एवं अंदाज जैसी कलाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं होती है। बातचीत करना कला को सीखने का पहला सिद्धांत है; अर्थात् बोलिए, वाद-विवाद में हिस्सा लीजिए, अपनी प्रतिभा का स्वयं आकलन कीजिए और दर्शकों की आलोचना से सीखने की कोशिश कीजिए।
सवाल है कि खुद की गलतियों को कैसे समझा जाए? इसके लिए कुछ तथ्यों को समझने की आवश्यकता है—महान् वक्ता में कौन से विशेष गुण होते हैं और उन गुणों को कैसे प्राप्त किया जा सकता है? स्वयं के व्यक्तित्व में ऐसी कौन सी कमी है, जो इन गुणों की प्राप्ति में बाधा बन सकती है? इस विषय पर महान् लेखक डेल कारनेगी की सदाबहार एवं सर्वाधिक पसंद की जानेवाली इस पुस्तक के द्वारा कोई भी सामान्य व्यक्ति दर्शकों के समक्ष बोलने के क्षेत्र में कामयाबी के शिखर तक पहुँच सकता है।SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास
Achhoot: Kyon, Kaun Aur Kaise?
“भारतरत्न डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जीवनपर्यंत शोषितों-वंचितों के उत्थान और उन्नयन के लिए कृत-संकल्पित रहे। उनके चिंतन में सदैव इनके कल्याण का भाव रहता था। उसी क्रम में उन्होंने अनेक लेख-पुस्तकें लिखीं, जो उनके इस सुचिंतित मंतव्य की परिचायक हैं। प्रस्तुत पुस्तक ‘अछूत’ इसी चिंतन का सुपरिणाम है।
अछूत कौन हैं और अस्पृश्यता की उत्पत्ति क्या है ? ये मुख्य विषय हैं, जिनकी जाँच करने का प्रयास किया गया है और जिनके निष्कर्ष इस पुस्तक में प्रस्तुत किए गए हैं। इस जाँच को शुरू करने से पहले कुछ प्रारंभिक प्रश्नों पर विचार करना आवश्यक है। पहला प्रश्न यह है-क्या हिंदू ही दुनिया में अकेले ऐसे लोग हैं, जो अस्पृश्यता का पालन करते हैं ? दूसरा प्रश्न यह है- यदि अस्पृश्यता गैर-हिंदुओं द्वारा भी मानी जाती है, तो हिंदुओं के बीच प्रचलित अस्पृश्यता की तुलना गैर-हिंदुओं की अस्पृश्यता से कैसे की जा सकती है ? इस विषय पर अब तक किए गए अध्ययनों में यह तुलना शायद ही की गई है।
छुआछूत उन्मूलन और समाज में पारस्परिकता की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण पुस्तक, जो हर भारतीय के चिंतन को दिशा देकर सामाजिक समरसता विकसित करने का पथ-प्रशस्त करेगी।”
SKU: n/a -
Ayuvardhak Health Care, Hindi Books, Prabhat Prakashan, Yog Ayurvedic books, सही आख्यान (True narrative)
Acupressure Aur Swastha Jeevan (PB)
-10%
Ayuvardhak Health Care, Hindi Books, Prabhat Prakashan, Yog Ayurvedic books, सही आख्यान (True narrative)Acupressure Aur Swastha Jeevan (PB)
एक्यूप्रेशर प्राचीनतम चिकित्सा-पद्धतियों में से एक है। यह पूर्णतया प्राकृतिक उपचार पर आधारित है। यह एक सरल, प्रभावकारी एवं सुरक्षित चिकित्सा-पद्धति है। शरीर के अधिकांश महत्त्वपूर्ण अंगों के प्रतिबिंब-केंद्र हथेलियों एवं तलवों में पाए जाते हैं। इन प्रतिबिंब-केंद्रों को ‘प्रतिक्रिया बिंदु’ भी कहा जाता है। इसके अंतर्गत शरीर को दर्द, तनाव, थकान, पीड़ा एवं रोग से मुक्ति प्रदान करने के लिए किसी ओषधि का सेवन किए बिना अँगूठे, उँगलियों अथवा इस उद्देश्य हेतु निर्मित उपकरण से कुछ विशेष प्रतिबिंब (रिफ्लेक्स) बिंदुओं पर दबाव डाला जाता है। इस पद्धति का विशेष लाभ यह है कि इसका प्रयोग घर में भी किया जा सकता है और इससे शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। एक्यूप्रेशर के माध्यम से उपचार का अन्य लाभ यह है कि यह न केवल रोग-निवारक है अपितु आरोग्यकर भी है। सप्ताह में दो दिन घर बैठे 20-25 मिनट प्रतिदिन मुख्य-मुख्य प्रतिबिंब-केंद्रों पर दबाव देने से बिना कुछ खर्च किए रोग-निवारण हेतु आप संपूर्ण एक्यूप्रेशर प्रक्रिया अपना सकते हैं। यह पुस्तक रोग-निवारण हेतु अत्यंत उपयोगी होने के साथ-साथ दैनिक जीवन में विभिन्न प्रकार के रोगों से रोगी को छुटकारा दिलाने में सहायक है। पुस्तक की एक अन्य विशेषता है इसमें दिए गए सैकड़ों चित्र, जो विषय को समझने में सहायक हैं।
SKU: n/a -
Prabhat Prakashan, प्रेरणादायी पुस्तकें (Motivational books)
Adamya Utsaha
भारत में मिसाइल के जनक, विश्वविख्यात वैज्ञानिक भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अद्भुत जिजीविषा और विलक्षण दूरदृष्टि के स्वामी थे। उन्होंने अपने प्रेरक विचारों से समाज को दिशा दी, हर भारतीय को प्रेरणा दी।
उनके संबोधनों का यह संग्रह युवाओं का मार्गदर्शन करेगा, जिससे कि वे विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग से भारत को विकास के पथ पर ले जा सकें। भारत की कृषि, अर्थव्यवस्था, वातावरण एवं नागरिकों के स्वास्थ्य को सही तकनीक के प्रयोग से लाभ पहुँचाने तथा उनमें सुधार करने के लिए डॉ. कलाम के अत्यधिक शिक्षाप्रद और सूचनात्मक भावों का यह विचार-पुंज अत्यंत प्रभावी और उपयोगी सिद्ध होगा।
डॉ. कलाम ने जहाँ एक ओर बच्चों में सतत विकास और नवाचार के लिए उत्साह के बीज बोए, वहीं दूसरी तरफ वयस्क भी उनके विचारों से अछूते नहीं रहे। यह संकलन उन लोगों के लिए मन को मोह लेनेवाला अध्ययन होगा, जो डॉ. कलाम के मानवीय दृष्टिकोण तथा विचारों को पढ़ने में दिलचस्पी रखते हैं। इन भाषणों से पाठकों को डॉ. कलाम की ज्ञानसंपन्नता, विविध विषयों की सूक्ष्म जानकारियाँ और सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित करने के महती भाव का बोध होगा।SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, अध्यात्म की अन्य पुस्तकें, धार्मिक पात्र एवं उपन्यास
ADBHUT SANNYASI
-10%
Hindi Books, Prabhat Prakashan, अध्यात्म की अन्य पुस्तकें, धार्मिक पात्र एवं उपन्यासADBHUT SANNYASI
यह गाथा है एक निस्पृह योगी की, चिरंजीवी तपस्वी की, कठिनतम कर्तव्यरत निर्विकार पुरुषार्थी की, अपराजेय योद्धा की।
वे आवेशावतार नहीं थे, न ही अंशावतार। क्रोधावतार कहकर उन्हें सीमित नहीं किया जा सकता।
आज तक पृथ्वी पर उनके शौर्य की झलक है, वह उनकी साक्षात् उपस्थिति में कितनी प्रभावी रही होगी। वे उस भृगुकुल के भूषण थे, जिसकी महिमा का विस्तार पवित्र नदियों और समुद्रों, पर्वतों और गहन वनों में विद्यमान असंख्य आश्रमों में ही नहीं संपूर्ण त्रैलोक्य में था, भगवान् विष्णु के वक्षस्थल से लेकर हिमगिरि में भृगु शिखर तक। मदांध सत्ता की कुटिलता के विरुद्ध जनप्रतिरोध का प्रबलतम स्वर हैं परशुराम। आजकल के कथित लोकतंत्रों के जन्म के युगों पूर्व वे तंत्र पर लोक के प्रभावी नियंत्रण के अधिष्ठाता हैं। यदि भारतीय चेतना यूरोपीय प्रभुत्व की बंधक न हुई होती तो स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के लिए मानवीय संघर्ष की गाथा परशुराम से प्रारंभ हुई होती; कथित फ्रांसीसी क्रांति से नहीं।
वे कोरे योद्धा नहीं थे। उन्होंने साधारण मनुष्यों को शास्त्र और शस्त्र दोनों सौंपकर वह सामर्थ्य दिया कि वे स्वयं अभ्युदय और निःश्रेयस पा सकें।
उनकी अद्भुत जीवनगाथा हमारे युग को भी स्वमंगल से सर्वमंगल और अराज से स्वराज हेतु प्रेरित कर सके, यही इस कृति का पावन प्रयोजन है।SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, सनातन हिंदू जीवन और दर्शन, सही आख्यान (True narrative)
Adhyapak | Maali Stories By Rabindra Nath Thakur
-10%
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, सनातन हिंदू जीवन और दर्शन, सही आख्यान (True narrative)Adhyapak | Maali Stories By Rabindra Nath Thakur
“अधयापक कहानी में रवींद्रनाथ ठाकुर ने शिक्षक और विद्यार्थी के रिश्ते की गहराई और जटिलताओं को प्रस्तुत किया है। यह कहानी एक शिक्षक और उसके विद्यार्थियों के बीच के संबंधों को लेकर लिखी गई है। कहानी में यह दिखाया गया है कि शिक्षक का काम केवल किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह अपने विद्यार्थियों के जीवन को आकार देने का भी जिम्मेदार होता है।
माली कहानी में रवींद्रनाथ ठाकुर ने प्रकृति और मनुष्य के रिश्ते को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया है। माली कहानी एक ऐसे व्यक्ति के बारे में है, जो बागवानी और पौधों से जुड़ा हुआ है। माली अपने काम में इतनी तन्मयता और प्रेम से लगा हुआ है कि वह न केवल पौधों की देखभाल करता है, बल्कि अपने जीवन में भी शांति और संतुलन की खोज करता है।”
SKU: n/a -
Prabhat Prakashan, Religious & Spiritual Literature
Adhyatmik Guruon Ke Prerak Vichar (PB)
अध्यात्म का अर्थ है—स्वयं का अध्ययन। धर्म का अर्थ है— कर्तव्य, अहिंसा, न्याय, सदाचरण, सद्गुण और जो धारण करने योग्य है, जिसे सभी मनुष्यों को धारण करना चाहिए। धर्म-अध्यात्म हमें ऐसी शक्ति की ओर ले जाते हैं, जो हमारी आस्तिकता को मजबूत बनाती है। जो ईश्वर में विश्वास करे, वह आस्तिक होता है। वही आस्तिकता जब मजबूत होती है, तब व्यक्ति अध्यात्म की ओर बढ़ता है और एक ऐसी शक्ति में विश्वास करता है, जो ऊर्जा का केंद्र है, जो हमारे जीवन का केंद्रबिंदु है।
भारत आध्यात्मिक विभूतियों का केंद्र रहा है। चाहे रामकृष्ण परमहंस, दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, स्वामी रामतीर्थ, रमण महर्षि, अखंडानंद सरस्वती हों—मानवकल्याण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करनेवाले इन दिव्य प्रेरणापुंजों ने मानव जीवनमूल्यों की स्थापना के लिए जो वाणीरत्न दिए, वे सबके लिए वरेण्य हैं, अनुकरणीय हैं। इन्हें जीवन में उतारकर हम एक सफल-सार्थक-समर्पित जीवन जी सकते हैं।
भारतीयता के ध्वजवाहक विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरुओं के प्रेरक वचनों का यह संकलन हमें जीवन के हर अवसर पर प्रेरणा देगा, हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाएगा।SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, राजनीति, पत्रकारिता और समाजशास्त्र
Adviteey Samaajashastr
विद्वान् लेखक ने भारतीय समाजशास्त्र के एक ऐसे ग्रंथ की रचना की है, जो विगत 77 वर्षों से शासन द्वारा भारतीय बुद्धि को बाधित रखने के कारण निकृष्ट पदावलियों व मुहावरों से आक्रांत चित्त वाले पाठकों की भी समझ में आ सके। ऐसा दुष्कर कार्य वही विद्वान् कर सकता है, जो धर्मशास्त्रों का मर्मज्ञ तो हो ही, पाठकों की सीमाओं से भी भलीभाँति परिचित हो । मिश्रजी इस पुरुषार्थ के लिए साधुवाद के पात्र हैं। मनुष्य के संपूर्ण कल्याण में जिनकी रुचि हो, उनके लिए यह अवश्य पठनीय पुस्तक है।
धर्मशास्त्रों के परम ज्ञाता ऋषि-तुल्य आदरणीय पंकजजी ने संपूर्ण मानवता के उत्थान के लिए प्रस्तुत ग्रंथ की रचना की है। बौद्धिक वर्ग से अनुरोध है कि वह इस दुर्लभ ग्रंथ का अध्ययन व मनन-चिंतन करे। इस श्रेष्ठ ग्रंथ के निर्माण के लिए मनीषी पंकजजी को साधुवाद।
SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास
Ae Mere Pyase Watan Book in Hindi
पुस्तक ‘ऐ मेरे प्यासे वतन’ नई पीढ़ी के लिए जल संरक्षण का पासवर्ड है। जलगुरु महेंद्र मोदी ने अपने अवकाश के दिनों में लगातार जल संरक्षण की विभिन्न विधाओं और तकनीकों पर व्यावहारिक रिसर्च करके जल अभाव की विकराल समस्या का पूर्ण समाधान दिया है। प्रदूषण रहित, किफायती, सरल तकनीक व रख-रखाव की सुगमता आम आदमी की जरूरतें हैं। कानूनी तौर पर तो जल संरक्षण सबके लिए अनिवार्य है, लेकिन आम आदमी किसके पास जाए ? मितव्ययी तरीके कहाँ से सीखे ? कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए पेरिस समझौता 2015 व बाद के निर्धारित लक्ष्यों को कैसे प्राप्त करे ? इन सभी समस्याओं का समाधान लेखक की पुस्तकों में है।
लेखक ने पेयजल तथा वर्षाजल के उपयोगी प्रबंधन के लिए मितव्ययी, प्रदूषणमुक्त, कम जमीन व कम समय में सुखद परिणाम देनेवाले व्यावहारिक व कार्यरत मॉडल दिया। इस मॉडल से पूरे देश को वर्तमान प्रणाली की अपेक्षा अत्यंत कम खर्च में पेयजल उपलब्ध कराना तथा अर्थोपार्जन संभव है। इस मॉडल को अपनाने से पूरे देश को लगभग 2.5 से 5 खरब किलोवाट बिजली की बचत प्रतिवर्ष होगी ।
पुस्तकें पढ़ें, जल संरक्षण सिस्टम स्वयं बनाएँ और अपनी प्यारी संतानों को सबसे महत्त्वपूर्ण उपहार दें – ‘जल सुरक्षा कवच’ का।
SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास
Afghanistan
अफगानिस्तान : शांति की तलाश, । युद्ध की राह’ एक ऐसे देश का प्रामाणिक विवरण है, जो कभी युद्ध से समृद्ध था और अब युद्ध से तबाह हो गया है । प्रेम राजा जहीर शाह के सौम्य शासन के तहत एक उदार, स्वतंत्र, स्थिर और धर्मनिरपेक्ष अफगानिस्तान की झलक पेश करके पाठकों को समृद्ध करते हैं, जो कई लोगों के लिए अब भी पहेली ही है। लेखक अप्रैल 1978 की क्रांति के बाद अस्थिरता की लंबी अवधि पर चर्चा करते हैं, जिसकी वजह से सोवियत संघ के जरिए कम्युनिस्ट सत्ता में आए।
लेखक सोवियत संघ को हराने के लिए तालिबान बनाने में अमेरिका और पाकिस्तान की भूमिका का आलोचनात्मक विश्लेषण करते हैं । अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना करते हुए तालिबान के खिलाफ अमेरिका द्वारा लड़े गए बीस साल के युद्ध का एक दिलचस्प विवरण प्रदान करते हुए वह अमेरिकी वापसी की दुःखद तसवीर प्रस्तुत करते हैं, जिससे अफगान एक बार फिर तालिबान की दया पर छोड़ दिए गए और गरीबी के साथ-साथ पाषाण युग में वापस धकेल दिए गए। वर्तमान कथा, हालाँकि काफी संक्षेप में है, लेकिन आधिकारिक, मनोरम और कलात्मक रूप से निर्मित है। यह पाठकों की कल्पना एक ऐसे देश को ले आती है, जिसका उथल-पुथल से भरा अतीत अब भी शांति की तलाश में है।
SKU: n/a -
English Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, जीवनी/आत्मकथा/संस्मरण, प्रेरणादायी पुस्तकें (Motivational books)
Agent Black Tiger
-15%
English Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, जीवनी/आत्मकथा/संस्मरण, प्रेरणादायी पुस्तकें (Motivational books)Agent Black Tiger
“This biography chronicles the extraordinary and tragic journey of Ravindra Kaushik, a daring Indian intelligence operative whose legacy is hidden from public view. Recruited by R&AW, India’s external intelligence agency, during the 1970s, Kaushik mastered the art of espionage, multiple languages and psychological endurance through rigorous training. Under the assumed identity of Nabi Ahmed Shakir, he entered Pakistan, converted to Islam, pursued education and integrated into the Pakistan Army.
For years, he funnelled vital military intelligence to India, earning the title ‘The Black Tiger. This book transcends simple espionage, presenting a deeply human narrative of patriotism, sacrifice and betrayal. It delves into the immense emotional burden of living without identity, family, or recognition and probes how nations remember or occasionally forget their unsung heroes. It is a profoundly thrilling read for every audience, capturing the human cost behind national security while honouring a life spent in the shadows for motherland and nation.”
SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, सनातन हिंदू जीवन और दर्शन, सही आख्यान (True narrative)
Aghori (PB)
-15%
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, सनातन हिंदू जीवन और दर्शन, सही आख्यान (True narrative)Aghori (PB)
“””देखो, जानो और अपनी आत्मा में बिठा लो कि उस देह की अब कोई कीमत नहीं है इस दुनिया में। इनसान तो वह बचा नहीं, उसके घरवाले भी उसको शव बोल रहे हैं। जब शरीर जल रहा होता है तो एकदम से आग नहीं पकड़ता, काफी देर तक तो वह फूलता रहता है, जैसे किसी ने अंदर गैस भर दी हो। यही सत्य है हमारा- तुम्हारा। अंत में बचती है केवल एक मुट्ठी राख। फिर यह बची हुई राख माँ गंगा को अर्पण हो जाती है। और एक जीवन अपनी अंतिम यात्रा पर गोलोक की ओर निकल जाता है।””
सामने चिता जल रही थी और कुछ अघोरी अनुष्ठान कर रहे थे। वे दोनों वहाँ खड़े हैरानी से चिता से उठती लपटों को देख रहे थे। वे सोच रहे थे कि अघोरियों का जीवन कितना रहस्यमयी है। शरीर पर मुर्दे की भस्म लगाए, नरमुंडों की माला पहने वे अजीब तरह के तंत्र-मंत्र करने में संलग्न थे। लेकिन कोई यह नहीं जानता कि अघोरी बनने के लिए उन्हें कितनी कठिन साधना करनी पड़ती है। कोई नहीं जानता कि उनके जीवन का उद्देश्य मानवता को लाभ पहुँचाना और जनकल्याण करना है।
अघोरियों के जीवन, साधना, शक्तियों एवं मृत्यु के सच को उजागर करनेवाला रोचक शैली में लिखा उपन्यास, जो उनके अनजाने तथ्यों से परिचय करवाएगा।”
SKU: n/a -
Prabhat Prakashan, जीवनी/आत्मकथा/संस्मरण, प्रेरणादायी पुस्तकें (Motivational books)
Agni Ki Udaan
त्रिशूल ‘ के लिए मैं ऐसे व्यक्ति की सुलाश में था जिसे न सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मिसाइल युद्ध की ठोस जानकारी हो बल्कि जो टीम के सदस्यों में आपसी समझ बढ़ाने के लिए पेचीदगियों को भी समझा सके और टीम का समर्थन प्राप्त कर सके । इसके लिए मुझे कमांडर एस.आर. मोहन उपयुक्त लगे, जिनमें काम को लगन के साथ करने की जादुई शक्ति थी । कमांडर मोहन नौसेना से रक्षा शोध एवं विकास में आए थे ।
‘ अग्नि ‘, जो मेरा सपना थी, के लिए किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी जो इस परियोजना में कभी-कभी मेरे दखल को बरदाश्त कर सके । यह बात मुझे आर.एन. अग्रवाल में नजर आई । वह मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेकोलॉजी के विलक्षण छात्रों में से थे । वह डी.आर.डी.एल. में वैमानिकी परीक्षण सुविधाओं का प्रबंधन सँभाल रहे थे ।
तकनीकी जटिलताओं के कारण ‘ आकाश ‘ एवं ‘ नाग ‘ को तब भविष्य की मिसाइलों के रूप में तैयार करने पर विचार किया गया । इनकी गतिविधियाँ करीब आधे दशक बाद तेजी पर होने की उम्मीद थी । इसलिए मैंने ‘ आकाश ‘ के लिए प्रह्लाद और ‘ नाग ‘ के लिए एन. आर. अय्यर को चुना । दो और नौजवानो-वी.के. सारस्वत एवं ए.के. कपूर को क्रमश: सुंदरम तथा मोहन का सहायक नियुक्त किया गया ।
-इसी पुस्तक से
प्रस्तुत पुस्तक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन की ही कहानी नहीं है बल्कि यह डॉ. कलाम के स्वयं की ऊपर उठने और उनके व्यक्तिगत एवं पेशेवर संघर्षों की कहानी के साथ ‘ अग्नि ‘, ‘ पृथ्वी ‘, ‘ आकाश ‘, ‘ त्रिशूल ‘ और ‘ नाग ‘ मिसाइलों के विकास की भी कहानी है; जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को मिसाइल-संपन्न देश के रूप में जगह दिलाई । यह टेकोलॉजी एवं रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की आजाद भारत की भी कहानी है ।SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास
Agni Raag
‘अग्नि-राग’ समकालीन संदर्भों में नारी-सशक्तीकरण की कहानी है। धधकती अग्नि-ज्वाला में जलती-झुलसती दीपिका की कहानी। विवाह का झाँसा देकर एक डॉक्टर वर्षों उसका यौन-शोषण करता है। जब युवती को डॉक्टर का विवाह अन्यत्र तय हो जाने की सूचना मिलती है, तो वह किस प्रकार प्रतिशोध लेती है—इसका उपन्यास में चित्रण है। बलात्कार-पीडि़ता के प्रति समाज की प्रतिक्रिया, मीडिया की प्रतिक्रिया, कानून की प्रतिक्रिया आदि का यह ऐसा विश्वसनीय आख्यान है, जिसमें अनुरंजन और चिंतन दोनों मौजूद हैं।
बलात्कार के आँकड़े बताते हैं कि औरत दिनोदिन असुरक्षित हुई है। घर, स्कूल, सड़क, खेत-खलिहान—कहाँ पर ‘निर्भयाकांड’ नहीं होते? देह-शोषण की शिकार औरत अमूमन लोक-लाज अथवा ग्लानि के चलते अपना मुँह बंद रखती है या फाँसी के फंदे पर झूल जाती है। किंतु जब किसी रेप-पीडि़ता के भीतर आग धधक उठती है, तो वह अपने अर्धनारीश्वर रूप में एक मिसाल बन जाती है। नारीगत कोमलता और पौरुषेय कठोरता की धूपछाँही द्युति एक विलक्षण आलोक-लोक सिरज देती है। यही अग्नि-राग है।
पंचतत्त्वों से बने हर मानव शरीर में अग्नि का वास है, कहीं कम, कहीं ज्यादा। इसलिए यदि ‘अग्नि-राग’ की दीपिका अपनी नन्ही सी लौ से अन्य रेप-पीडि़ताओं के अँधेरे जीवन को प्रकाशमान करने का उद्यम करती है, तो उसके इस संकल्प और साहस को नमन करने का जी चाहता है। ‘अग्नि-राग’ इसी संवेदना का उपन्यास है।SKU: n/a -
Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथा साहित्य
Agnimay Buddha(PB)
ऐतिहासिक कथानक ‘अग्निमय बुद्ध’ आचार्य कुमारिल भट्ट की क्रांतिकारी जीवनलीला को प्रकाशित करता है। वैदिक धर्म और मानव कल्याण हेतु उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया और इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु उन्होंने अग्नि-समाधि ली। बौद्धों के द्वारा उनकी हत्या और उन्हें कलंकित करने के अनेक षड्यंत्र किए गए। लोग महर्षि पतंजलि, आदि शंकराचार्य, मध्वाचार्य और रामानुजाचार्य को तो जानते हैं, लेकिन आचार्य कुमारिल भट्ट को बहुत कम। आचार्य कुमारिल भट्ट ने नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति को शास्त्रार्थ में पराजित कर, उनके ज्ञान की सत्ता को धराशायी कर फिर से वैदिक कर्मकांड के गौरव को पुनर्स्थापित किया। लेकिन इस कार्य के लिए उन्हें अपना जीवन बलिदान करना पड़ा। अग्नि समाधि लेकर उन्होंने मानव समाज को अहिंसा, त्याग, साहस और समर्पण का उपदेश दिया। यह उपन्यास वैदिक मीमांसा दर्शन और बौद्ध दर्शन का भी परिचय देता है, जिससे पाठकों का ज्ञान बढ़ेगा।
SKU: n/a

















