Hindi Books
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Gita Press, Hindi Books, महाभारत/कृष्णलीला/श्रीमद्भगवद्गीता
Shrimadbhagvadgita, Padachhed, Anvaya
श्रीमद्भगवद्गीता भगवान श्रीकृष्ण का मानव जीवनोपयोगी दिव्य उपदेश है। इस संस्करण में प्रत्येक अध्याय के प्रारम्भ में पद्मपुराण से उद्धृत माहात्म्य का सरस वर्णन, मोटे अक्षरों में गीता का मूल-पाठ और सरल भाषा में अर्थ दिये जाने से यह स्त्रियों, बालकों, वृद्धों के लिए विशेष उपयोगी है। मोटे अक्षरों में, पुस्तकाकार, साधारण संस्करण।
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, महाभारत/कृष्णलीला/श्रीमद्भगवद्गीता
Shrimadbhagwadgita Prashnottari
-15%
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, महाभारत/कृष्णलीला/श्रीमद्भगवद्गीताShrimadbhagwadgita Prashnottari
“प्रस्तुत पुस्तक ‘श्रीमद्भगवद्गीता प्रश्नोत्तरी’ में लेखक द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के अठारह अध्यायों से 300 महत्त्वपूर्ण व वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का चयन किया गया है। प्रश्नों की प्रकृति अत्यंत सरल है। एक सामान्य जन के साथ-साथ एक छोटी कक्षा का बालक भी इन प्रश्नों को आसानी से समझकर कंठस्थ कर सकता है। इसके साथ-साथ विद्यार्थीगण श्रीमद्भगवद्गीता से संबंधित आध्यात्मिक प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए इस पुस्तक का अध्ययन कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। पाठक की सुविधा के लिए हर अध्याय के सभी प्रश्नों से संबंधित उत्तर इस पुस्तक के अंत में दिए गए हैं।
इसके साथ-साथ लेखक द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता पर अनेक विद्वानों द्वारा लिखी महत्त्वपूर्ण टीकाओं की सूची भी पुस्तक में दी गई है। यदि कोई जिज्ञासु विद्यार्थी या सामान्यजन गीता के मर्म को अत्यंत सूक्ष्मता से जानने का इच्छुक है तो वह इन टीकाओं का अध्ययन कर अपने भौतिक व आध्यात्मिक जीवन को सफल बना सकता है। हमें विश्वास है कि यह पुस्तक निश्चित रूप से अध्यात्म के क्षेत्र में रुचि रखने वाले जिज्ञासुओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
‘श्रीमद्भगवद्गीता प्रश्नोत्तरी’ के लेखन का एकमात्र लक्ष्य देश व प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा प्रथम से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों को श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान से परिचित करवाना है।”
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Gita Press, Hindi Books, रामायण/रामकथा
Shriramcharitmanas Ayodhyakand 0095
श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के द्वारा प्रणीत श्रीरामचरितमानस हिन्दी साहित्य की सर्वोत्कृष्ट रचना है। आदर्श राजधर्म, आदर्श गृहस्थ-जीवन, आदर्श पारिवारिक जीवन आदि मानव-धर्म के सर्वोत्कृष्ट आदर्शों का यह अनुपम आगार है। सर्वोच्य भक्ति, ज्ञान, त्याग, वैराग्य तथा भगवान की आदर्श मानव-लीला तथा गुण, प्रभाव को व्यक्त करनेवाला ऐसा ग्रंथरत्न संसार की किसी भाषा में मिलना असम्भव है। आशिर्वादात्माक ग्रन्थ होने के कारण सभी लोग मंत्रवत् आदर करते हैं। इसका श्रद्धापूर्वक पाठ करने से एवं इसके उपदेशों के अनुरूप आचरण करने से मानवमात्र के कल्याण के साथ भगवत्प्रेम की सहज ही प्राप्ति सम्भव है।
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Gita Press, Hindi Books, इतिहास, रामायण/रामकथा
Shriramcharitmanas Balkand 0094
श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के द्वारा प्रणीत श्रीरामचरितमानस हिन्दी साहित्य की सर्वोत्कृष्ट रचना है। आदर्श राजधर्म, आदर्श गृहस्थ-जीवन, आदर्श पारिवारिक जीवन आदि मानव-धर्म के सर्वोत्कृष्ट आदर्शों का यह अनुपम आगार है। सर्वोच्य भक्ति, ज्ञान, त्याग, वैराग्य तथा भगवान की आदर्श मानव-लीला तथा गुण, प्रभाव को व्यक्त करनेवाला ऐसा ग्रंथरत्न संसार की किसी भाषा में मिलना असम्भव है। आशिर्वादात्माक ग्रन्थ होने के कारण सभी लोग मंत्रवत् आदर करते हैं। इसका श्रद्धापूर्वक पाठ करने से एवं इसके उपदेशों के अनुरूप आचरण करने से मानवमात्र के कल्याण के साथ भगवत्प्रेम की सहज ही प्राप्ति सम्भव है। श्रीरामचरितमानस के सभी संस्करणों में पाठ-विधि के साथ नवान्ह और मासपरायण के विश्रामस्थान, गोस्वामी जी की संक्षिप्त जीवनी, श्रीरामशलाका प्रश्नावली तथा अंत में रामायण जी की आरती दी गयी है।
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Gita Press, Hindi Books, अध्यात्म की अन्य पुस्तकें, रामायण/रामकथा
Shriramcharitmanas Lankakand 0101
श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के द्वारा प्रणीत श्रीरामचरितमानस हिन्दी साहित्य की सर्वोत्कृष्ट रचना है। आदर्श राजधर्म, आदर्श गृहस्थ-जीवन, आदर्श पारिवारिक जीवन आदि मानव-धर्म के सर्वोत्कृष्ट आदर्शों का यह अनुपम आगार है। सर्वोच्य भक्ति, ज्ञान, त्याग, वैराग्य तथा भगवान की आदर्श मानव-लीला तथा गुण, प्रभाव को व्यक्त करनेवाला ऐसा ग्रंथरत्न संसार की किसी भाषा में मिलना असम्भव है। आशिर्वादात्माक ग्रन्थ होने के कारण सभी लोग मंत्रवत् आदर करते हैं। इसका श्रद्धापूर्वक पाठ करने से एवं इसके उपदेशों के अनुरूप आचरण करने से मानवमात्र के कल्याण के साथ भगवत्प्रेम की सहज ही प्राप्ति सम्भव है।
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Gita Press, Hindi Books, अध्यात्म की अन्य पुस्तकें
Shriramcharitmanas, Sundarkand, Pocket Size 0858
श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के द्वारा प्रणीत श्रीरामचरितमानस हिन्दी साहित्य की सर्वोत्कृष्ट रचना है। आदर्श राजधर्म, आदर्श गृहस्थ-जीवन, आदर्श पारिवारिक जीवन आदि मानव-धर्म के सर्वोत्कृष्ट आदर्शों का यह अनुपम आगार है। सर्वोच्य भक्ति, ज्ञान, त्याग, वैराग्य तथा भगवान की आदर्श मानव-लीला तथा गुण, प्रभाव को व्यक्त करनेवाला ऐसा ग्रंथरत्न संसार की किसी भाषा में मिलना असम्भव है। आशिर्वादात्माक ग्रन्थ होने के कारण सभी लोग मंत्रवत् आदर करते हैं। इसका श्रद्धापूर्वक पाठ करने से एवं इसके उपदेशों के अनुरूप आचरण करने से मानवमात्र के कल्याण के साथ भगवत्प्रेम की सहज ही प्राप्ति सम्भव है। श्रीरामचरितमानस के सभी संस्करणों में पाठ-विधि के साथ नवान्ह और मासपरायण के विश्रामस्थान, गोस्वामी जी की संक्षिप्त जीवनी, श्रीरामशलाका प्रश्नावली तथा अंत में रामायण जी की आरती दी गयी है।
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Akhil Bhartiya Sanskriti Samanvay Sansthan, Hindi Books, Suggested Books, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)
Shuddhi Aandolan ka Sankshipt Itihaas
Akhil Bhartiya Sanskriti Samanvay Sansthan, Hindi Books, Suggested Books, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)Shuddhi Aandolan ka Sankshipt Itihaas
अन्य उपासना-मतों में, विशेषकर इस्लाम एवं ईसाइयत में मतान्तरित हिन्दुओं का अपने मूल धर्म और समाज में वापस आने की प्रक्रिया ‘घरवापसी’ नाम से लोकप्रिय हुई है। इस प्रक्रिया को ‘शुद्धि’ या “परावर्तन’ भी कहा जाता है। भारत में रहने वाले अधिकांश मुस्लिमों और ईसाइयों के पूर्वज हिन्दू ही थे। किसी समय भय या धोखे से उन्हें मतान्तरित किया गया था। भारत के वर्तमान मुस्लिम और ईसाई इतिहासकाल में बिछुड़े हुए अपने ही बंधुओं की संतान है। मतान्तरण यह दासता का आविष्कार है।
मतान्तरित व्यक्ति और समाज उस इतिहासकालीन दासता के अवशेष हैं। मतान्तरित बंधुओं को स्वगृह में लाने और उन्हें मातृसमाज में आत्मसात करने का प्रयास इस्लामी आक्रमण के तुरंत बाद शुरू हुआ। अपने ऋषि मनीषियों ने इस प्रक्रिया को धर्मशास्त्र का आधार दिया।
अपने बिछुड़े हुए बंधुओं को आत्मसात करने के प्रयास ऋषियों, साधु-संतों, राजा महाराजाओं, धार्मिक-सामाजिक-राजनीतिक नेताओं और सामान्य लोगों ने किए। सन् 1947 को राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्ति भारत के इतिहास में महत्त्वपूर्ण पड़ाव था। सैकड़ों वर्षों के इस कालावधि में हुए शुद्धिकरण के प्रयासों की तथ्यपरक जानकारी इस पुस्तक में संक्षेप में दी गई है।
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Hindi Books, Rajpal and Sons, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)
Shudra: Ek Naye Path Ki Parikalpana
-10%
Hindi Books, Rajpal and Sons, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)Shudra: Ek Naye Path Ki Parikalpana
“भारत एक पुनर्विचार संवाद, सहयोग और सहभागिता के आधार पर तैयार शृंखला यह एक प्रयास है जो: – देश की वर्तमान समस्याओं और चुनौतियों के सकारात्मक समाधान को खोजता है। – हमारे बुनियादी संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है। – एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों के विकास के साझा लक्ष्य को क्रियान्वित करता है। चैदह पुस्तकों की शृंखला समृद्ध भारत फ़ाउंडेशन द्वारा चार वरिष्ठ संपादकों – आकाश सिंह राठौर, मृदुला मुखर्जी, सैयदा हमीद और पुष्पराज देशपांडे – की देख-रेख में तैयार की गई है। भारत के 150 प्रमुख विचारकों के योगदान से संपन्न, यह शृंखला वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रतिमानों का पुनर्विचार करती है, ताकि भारत के संवैधानिक मूल्यांे को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। प्रत्येक पुस्तक देश के किसी एक ज्वलंत मुद्दे पर केंद्रित है, और उसे उस विषय के विशेषज्ञों द्वारा लिखा गया है। शूद्र: एक नये पथ की परिकल्पना भारत की उत्पादक जातियों की दुर्दशा के अनेक आयामों – आध्यात्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, दार्शनिक और ऐतिहासिक क्षेत्रों – को एक साथ जोड़ती है। यह उनकी वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करती है और भविष्य के रास्तों को पुनः परिभाषित करती है।”
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, जीवनी/आत्मकथा/संस्मरण
Shuttle Ki Rani P.V. Sindhu Ki Biography
-15%
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, जीवनी/आत्मकथा/संस्मरणShuttle Ki Rani P.V. Sindhu Ki Biography
चिडि़यों की उड़ान नौ साल की उम्र में पी.वी. सिंधु ने खेल-खेल में एक विजिटिंग
कार्ड डिजाइन किया था, जिस पर लिखा था—बैडमिंटन अर्जुन अवार्डी। चौबीस साल की
उम्र में उन्होंने अपनी अलमारी में सन् 2020 के ओलंपिक स्वर्ण पदक के लिए एक
स्थान खाली रखा था। ‘शटल की रानी’, इन दो चरणों के बीच उनके सफर की कहानी
है।
जब वह रेलवे कॉलोनी से प्रशिक्षण मैदान तक प्रतिदिन पचास
किलोमीटर से अधिक की यात्रा करती थीं, तो सिंधु का एक ही सपना था—भारत की
सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खिलाड़ी बनना। वॉलीबॉल, जो उनके माता-पिता का खेल था, उसकी
चर्चा डिनर टेबल पर हुआ करती थी, लेकिन स्पोर्ट्स आइकन पुलेला गोपीचंद उनके
आदर्श थे। ऐसे समय में जब साइना नेहवाल एक उभरती हुई स्टार थीं, सिंधु भी उन्हीं
की अकादमी में शामिल हुई और इस फैसले ने उनकी जिंदगी बदल दी। आज वह एक ओलंपिक
रजत पदक विजेता, पद्मभूषण और फोर्ब्स द्वारा जारी दुनिया की सबसे अधिक पैसा
कमाने वाली एथलीटों की सूची में शामिल होनेवाली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं।
उन्होंने भारी पराजय के झटके और जोश भरने वाली जीत के साथ विश्वप्रसिद्ध
प्रतिद्वंद्विता भी देखी। फिर भी वह एक ऐसी लड़की हैं, जिन्हें फिल्मों, शरारतों
और मैसूर पाक से प्यार है।
‘शटल की रानी’ पुस्तक बताती है कि
कैसे दिग्गज बैडमिंटन खिलाडि़यों की हताशा युवा पीढ़ी के लिए एक परिवर्तनकारी
बदलाव लेकर आई; क्यों भारत में खेल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी एक ही शहर हैदराबाद
से आते हैं और इन सबसे बढ़कर, कितने परिश्रम, त्याग और संघर्ष के बाद एक
विश्व-विजेता खिलाड़ी तैयार होता है।
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास
Shwet Patra
श्वेत -पत्र’
सन् 1942 के जनांदोलन और बलिया-गाजीपुर जनपद तथा बिहार के सीमावर्ती भोजपुरी अंचल के तत्कालीन गुप्त आंदोलन के प्रामाणिक इतिहास पर आधारित, उद्वेलित मानसिकता की संपूर्ण पकड़ से परिपूर्ण ऐसी कलाकृति है, जिसमें व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन और गाँवों में फैले क्षेत्रीय आंदोलन का कहीं अभिन्न और कहीं समानांतर चित्रण है।
तत्कालीन स्थिति के कुछ सर्वथा नए तथ्यों को उजागर करता ‘श्वेत-पत्र’ अर्थात् आजादी का ऐतिहासिक दस्तावेज प्रस्तुत करता है। जयप्रकाश, लोहिया आदि के उन महत्त्वपूर्ण, प्रामाणिक बुलेटिनों, पैंफलेटों, पर्चों और गुप्त पत्रों को, जिनको सही मायने में अस्त्र बनाकर जनता स्वयं अपनी लड़ाई लड़ती है, गाँव के किसान-मजदूर, अध्यापक-विद्यार्थी और किसान-सरदार लड़ते हैं।
लेखक का दावा है—उन पैंफलेटों आदि का मूल रूप उसके पास सुरक्षित है और इस प्रकार स्वतंत्रता संग्राम का एक सही-सही तथा रचनात्मक रूप उभर आता है ‘श्वेत-पत्र’ में। अत्यंत रोचक, सनसनीखेज, प्रभावशाली, प्रेरणाप्रद और आज की राष्ट्रीय स्थितियों के पुनर्मूल्यांकन योग्य अनेक अछूते आयामों से परिपूर्ण।
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, कहानियां, सही आख्यान (True narrative)
Sifar Se Shikhar Tak
“यह पुस्तक मेरे दिल के बहुत करीब हैं। यह केवल कुछ पन्ने नहीं, इसमें लिखे जज़्बात हैं, यादों की महक है, अपनों से लगाव है, अतीत की छाँव है, कुछ सवाल हैं और कुछ प्रेरणा। कुछ अनुभव, कुछ सामाजिक कुरीतियाँ हैं, ईश्वरीय शक्ति के प्रति अटूट विश्वास है जिंदगी के प्रति आभार और हर साँस का आभास है।
खुशी का रंग है, दुःखों से उभरने की राह। इसे लिखकर मुझे लगा, जैसे मैंने खुद को पढ़ लिया। मानो दिल हलका हुआ और सोच बेहतर हो गई। खुद को जाना तो जैसे दूसरों को समझ लिया। औरों के लिए कुछ कर जाने की प्यास हो गई ऐसे ही कुछ शब्दों के माध्यम से जिंदगी को कुछ बेहतर करने का प्रयास हो गया।”
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, महाभारत/कृष्णलीला/श्रीमद्भगवद्गीता, सही आख्यान (True narrative)
Sikh Shaheedon Ki Gathayen
-10%
Hindi Books, Prabhat Prakashan, अन्य कथेतर साहित्य, इतिहास, महाभारत/कृष्णलीला/श्रीमद्भगवद्गीता, सही आख्यान (True narrative)Sikh Shaheedon Ki Gathayen
“भारतीय परंपरा में सिखी से पहले शहादत जैसा कोई संकल्प नहीं रहा। सिख धर्म में शहीदी से अर्थ केवल प्रताड़ित किए जाने या शारीरिक तौर पर असहनीय कष्ट दिया जाना प्रमुख नहीं, उसके पीछे कोई ठोस कारण होना चाहिए, जो निजी तो कदापि नहीं हो सकता। वह कारण कौम का सम्मान, मानवता की रक्षा और लोकहित के लिए अन्याय/जबर का डटकर सामना करने में से एक रहा। यह एक ऐसी परंपरा है, जिसे स्व-प्रसंगों द्वारा स्थापित किया गया है। यह मजबूरीवश नहीं होती और न ही शहादत किसी निर्भय शक्ति का प्रदर्शन है। शहीद मौत के परिणाम से अवगत होता है। उसकी शहीदी उच्च आदर्शों व मूल्यों को बनाए रखने और लोगों को जाग्रत् करने के लिए होती है।
इस पुस्तक में ऐसे ही सिख शहीदों की प्रेरक गाथाएँ प्रस्तुत हैं, जो यह बताती हैं कि इन विभूतियों ने आततायियों के दमन, अत्याचार, क्रूरता और यातनाओं को झेला पर सिख धर्म और उसकी मान्यताओं को नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने को बलिदान कर दिया पर आक्रांताओं के दबाव के आगे झुके नहीं।
देश-धर्म पर बलिदान हुए वीरों की शौर्यगाथा है यह पुस्तक।
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Hindi Books, Sasta Sahitya Mandal, इतिहास, बौद्ध, जैन एवं सिख साहित्य
Sikkhon Ka Itihas (Set of Vol.4)
Hindi Books, Sasta Sahitya Mandal, इतिहास, बौद्ध, जैन एवं सिख साहित्यSikkhon Ka Itihas (Set of Vol.4)
भाग १ (1469 – 1708) – मध्यकाल में सिक्ख मत के उदय और तत्कालीन भारतीय समाज एवं संस्कृति में उसकी भूमिका को प्रस्तुत करती बख्शीश सिंह जी की यह पुस्तक सिक्खों के इतिहास को एकांगी ढंग से न देखते हुए समग्र भारतीय इतिहास-भूगोल और समाजशास्त्र के संदर्भ में चित्रित करती है। यह बताने के साथ ही कि सिक्ख कौन हैं, कैसे हैं, कहाँ-कहाँ हैं; सिक्ख मत का उदय और विस्तार किस प्रकार और किन सांस्कृतिक सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक परिस्थितियों में हुआ? लेखक ने सिक्खों की मूल भूमि पंजाब का बृहत्तर भारतीय भौगोलिकऐतिहासिक-सांस्कृतिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में परिचय दिया है और सिक्ख धर्म के इतिहास को भक्ति आंदोलन की लोक जागरणकारी चेतना के संदर्भ में रेखांकित किया है।
भाग २ (1709-1857) – सुप्रसिद्ध समालोचक विजय बहादुर सिंह के आलोचनात्मक लेखों के संग्रह ‘कविता और संवेदना’ का प्रकाशन ‘सस्ता साहित्य मण्डल प्रकाशन’ के लिए सुखद अनुभव है। आजादी के आस-पास और उसके बाद के कुछेक प्रमुख कवियों की काव्यानुभूति के स्वरूप और सृजनशीलता की पड़ताल इन लेखों में की गई है। कवियों की मानसिकता को सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भो, लोक जीवन और विचारधाराओं के प्रभावों-दबावों और टकराहटों से पनपी जीवन-स्थितियों के परिप्रेक्ष्य में देखते हुए उनकी काव्य-प्रवृत्तियों पर विचार किया गया है। कवियों की ‘संवेदना के पृष्ठ-रहस्यों’ का पता लगाने की प्रक्रिया में तलाश की गई है कि परंपरा और आधुनिकता के संबंध सूत्रों, भारतीय और वैश्विक परिदृश्य की परिघटनाओं ने रचनाकार विशेष की मानसिकता को गढ़ने में क्या भूमिका अदा की है; ग्रामीण अथवा शहरी मध्यवर्गीय पृष्ठभूमि ने कवि की संवेदना एवं शिल्प की बनावट को किस प्रकार गढ़ा है; उसकी भाषा को, शब्दार्थ के संबंध को किस तरह गहन और व्यापक बनाया है। सप्तकों के कवियों, प्रगतिशील कवि-त्रयी, अकविता आंदोलन के कवि और हिंदी गजलकारों के कवि-स्वभाव और कविकर्म का मूल्यांकन करते हुए आलोचक की अपनी अभिरुचियाँ और वैचारिक आग्रह भी सक्रिय रहे हैं।
भाग ३ (1858-1947)
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Hindi Books, Rajpal and Sons, कहानियां, सही आख्यान (True narrative)
Sindhi Ki Chuni Hui Kahaniyaan
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Hindi Books, Rajpal and Sons, कहानियां, सही आख्यान (True narrative)Sindhi Ki Chuni Hui Kahaniyaan
कीरत बाबाणी, गोबिन्द माल्दी, तीर्थ बसंत, विष्णु भाटिया, हरिकान्त और आधुनिक काल के सिंधी लेखकों की कहानियाँ जो इस पुस्तक में सम्मिलित हैं, को पढ़ने के बाद यह बात उजागर होती है कि कहानी किसी भी भारतीय भाषा की क्यों न हो, उन सब में भारतीय संस्कृति की झलक अवश्य मिलती है। इसी कारण पाठक देश की हर भाषा की कहानी से आसानी से तादात्म्य स्थापित कर लेता है। इस पुस्तक में संकलित कहानियों का चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है। यह संकलन हिन्दी के पाठकों को सिंधी साहित्य को जानने का अवसर प्रदान करता है।
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियां, सही आख्यान (True narrative)
Sir Walter Scott ki Lokpriya Kahaniyan
-15%
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियां, सही आख्यान (True narrative)Sir Walter Scott ki Lokpriya Kahaniyan
“मार्टिन का मृत शरीर वहीं चर्च में ही उसी जगह दफना दिया गया, जहाँ वह मरा था। उसकी जमीन और संपत्ति का किसी ने दावा नहीं किया तथा उसका खँडहर बना महल यों ही वीरान पड़ा रहा। उसकी इस संपत्ति से वहाँ खदानों में काम करनेवाले जंगल के लोग भूत-प्रेतों के भय से दूर ही भागते थे। इस प्रकार जल्दबाजी में हासिल की गई बुरे तरीकों में लिप्त संपदा के परिणामस्वरूप मार्टिन की तकदीर का उदाहरण दिया जाता रहा है।
रॉबिन का प्रस्थान एक छोटे शहर की ओर था, जहाँ उसके बहुत से स्त्री-पुरुष दोस्त भी रहते थे। रॉबिन की पहचान जिले के एक बेहतरीन जिम्मेदार और अच्छी कमाई करनेवाले हरकारे के रूप में थी। रॉबिन अपने व्यापार से काफी कमा सकता था, पर उसने एक या दो लड़के और अपनी बहन के बेटों को ही अपना सहयोगी बना रखा था।
—इसी पुस्तक से
अपने समय के प्रतिष्ठित कथाकार सर वॉल्टर स्कॉट की भावप्रवण कहानियों का पठनीय संकलन, जो पाठकों को भावविभोर कर देगा”
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