Priyanka Saxena
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Hindi Books, Manjul Publishing House, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)
Shrapit Samrajya: Ek Anokhi Gatha ( Hindi)
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Hindi Books, Manjul Publishing House, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)Shrapit Samrajya: Ek Anokhi Gatha ( Hindi)
इस काल्पनिक उपन्यास की कहानी एक आठ साल की बालिका ‘चंद्रिका’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बड़े ही रहस्यमय ढंग से एक रात अपने घर से अचानक गायब हो जाती है और एक मायावी नगरी में पहुँच जाती है। यहाँ पहुँचकर उसे यह ज्ञात होता है कि वह स्थान जो आज एक भयावह रेगिस्तान के रूप में दिखाई दे रहा है, वह कभी भारतवर्ष का सबसे समृद्ध साम्राज्य ‘प्रतिष्ठानपुर’ हुआ करता था। फिर ‘महर्षि श्रोणिक’ चंद्रिका के सम्मुख एक ऐसे श्राप की कथा का वर्णन करते हैं, जिसके बाद प्रतिष्ठानपुर के विरुद्ध षडयंत्रों और कुचक्रों का एक ऐसा सिलसिला शुरू हो गया जिसे रोक पाना किसी के वश में न था। यहाँ तक कि षड्यंत्रकारी ने बड़ी ही चालाकी से प्रतिष्ठानपुर के महाराज उदयसेन को भी अपना शिकार बना लिया, जिसके बाद शक की सुई बार-बार दंभगढ़, वीरगढ़ एवं कामिनीपुरम जैसे राज्यों के ऊपर घूमती हुई प्रतीत होती रही। इन सभी राज्यों से प्रतिष्ठानपुर की पुरानी शत्रुता का बड़ा ही रोमांचकारी वर्णन इस उपन्यास में किया गया है। इस भाग के अंत में महाराज सोनभद्र (महाराज उदयसेन के पुत्र) नगर के मुख्य चौक पर प्रजा के सम्मुख षड्यंत्रकारी के नाम का खुलासा करते हैं, जिसे सुनकर सबके पैरों तले जमीन खिसक जाती है। यह उपन्यास जादू, मायाजाल, तिलिस्म और षड्यंत्र का एक ऐसा चक्रव्यूह है, जिसकी कल्पना मात्र से ही आत्मा कांप उठती है। इस उपन्यास में विभिन्न युद्धों और अचरज भरी युद्ध कलाओं का भी रोचक वर्णन किया गया है। क्या कभी प्रतिष्ठानपुर साम्राज्य उस श्राप के प्रभाव से उबर पाएगा? क्या चंद्रिका कभी उस मायाजाल को तोड़कर उस मायावी नगरी से बाहर आ पाएगी? यह उपन्यास ऐसे ही अनेक प्रश्नों के उत्तर अपने भीतर समेटे हुए दिखाई देता है।
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