SURYAKANT TRIPATHI 'NIRALA'
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियां
Anamika Poems Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियांAnamika Poems Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
अनामिका सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण काव्य-संग्रह है, जो हिंदी साहित्य में एक मील का पत्थर माना जाता है। यह संग्रह निराला की काव्यशक्ति, संवेदनशीलता और जीवन के गहरे अनुभवों को दर्शाता है। ‘निराला’ हिंदी साहित्य के महान कवियों में से एक हैं, जिनकी कविता में निरंतरता और विकास की गहरी प्रवृत्तियां मिलती हैं।
अनामिका में निराला की कविता ने समाज के असंतुलन, अन्याय और दुखों के प्रति अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनके शब्दों में एक अद्वितीय शक्ति और तीव्रता है, जो पाठकों को आत्मा तक छूने का सामर्थ्य रखती है। इस काव्य-संग्रह में निराला ने मानवीय संवेदनाओं, आस्थाओं और विडंबनाओं को चित्रित किया है
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Apra Poems Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियांApra Poems Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
“अपरा सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की एक महत्वपूर्ण कविता संग्रह है। इस पुस्तक में निराला ने जीवन, प्रेम, समाज, और मानवीय अनुभूतियों की गहरी और प्रेरणादायक कविताएँ प्रस्तुत की हैं। ‘अपरा’ का अर्थ है ‘अद्वितीय’, ‘अविस्मरणीय’ या ‘जो कभी समाप्त न हो’, और इस संग्रह की कविताएँ भी उसी भाव को व्यक्त करती हैं, जो निराला के विशिष्ट लेखन की पहचान रही है।
अपरा में निराला ने भारतीय समाज की जटिलताओं, समाजिक असमानताओं, और एक व्यक्ति के भीतर संघर्ष को बड़ी बारीकी से चित्रित किया है। उनके शब्दों में एक गहरी करूणा, तीव्रता और क्रांति का संचार है, जो पाठक को अंदर तक छू जाता है। निराला की कविताओं में उनके समय की परिस्थितियों और उनके व्यक्तिगत अनुभवों की गहरी छाप दिखाई देती है।”
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Billesur Bakariha Novel Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियांBillesur Bakariha Novel Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
“बिलेसुर बकरीहा सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण उपन्यास है, जो उनके साहित्यिक योगदान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह उपन्यास समाज के विभिन्न पहलुओं को उद्घाटित करता है और उन जटिलताओं को दिखाता है जो उस समय के समाज में व्याप्त थीं।
बिलेसुर बकरीहा की कहानी एक छोटे से गाँव की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहाँ मुख्य पात्र बिलेसुर नामक एक चरवाहा है। यह उपन्यास उसकी जीवन यात्रा, संघर्ष और उसके साथ होने वाली घटनाओं के माध्यम से समाज के सामाजिक और मानसिक दबावों को चित्रित करता है। बिलेसुर एक सामान्य आदमी है, जिसे अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ती है। उसका जीवन गरीबी, जातिवाद और अन्य सामाजिक असमानताओं से जूझते हुए चलता है।
इस उपन्यास में निराला ने उस समय की ग्रामीण स्थिति, कामकाजी वर्ग की मुश्किलें, और आम आदमी की संवेदनाओं को बड़ी बारीकी से चित्रित किया है। उपन्यास की कथा न केवल बिलेसुर के व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी है, बल्कि यह समाज में व्याप्त कुरीतियों और असमानताओं को भी उजागर करती है। यह नायक का केवल व्यक्तिगत संघर्ष नहीं है, बल्कि यह समग्र समाज के विरोध और संघर्ष की भी कहानी है
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Literature & Fiction, Vani Prakashan
DEVI
The capability of reading and other personal skills get improves on reading this book Devi by SuryaKant Tripathi Nirala.This book is available in Hindi with high quality printing.Books from Novel category surely gives you the best reading experience.
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Geetika Poems Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियांGeetika Poems Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
“गीतिका सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की एक प्रसिद्ध काव्यसंग्रह है, जो उनके साहित्यिक योगदान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पुस्तक उनकी कविता की विशेष शैली और विचारधारा का जीवंत उदाहरण है। गीतिका में निराला ने जीवन, प्रेम, आस्था, संघर्ष और समाज की विभिन्न स्थितियों पर कविताएँ लिखी हैं, जो उनकी गहरी और संवेदनशील सोच को दर्शाती हैं।
गीतिका में निराला ने छोटे-छोटे गीतों के रूप में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है। इन कविताओं में निराला की संवेदनशीलता, मानवता, और प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन मिलता है। वे जीवन के विभिन्न पहलुओं को सरल लेकिन गहरे रूप में पेश करते हैं। गीतिका की कविताओं में एक विशेष तरह की लयबद्धता और संगीतात्मकता पाई जाती है, जो पाठक को एक नई दुनिया में प्रवेश कराती है
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Kulli Bhat Novel Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियांKulli Bhat Novel Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
“कुल्ली भट सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण उपन्यास है, जो उनके साहित्यिक योगदान में एक विशेष स्थान रखता है। यह उपन्यास उनके गहरे सामाजिक और मानसिक दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है, जिसमें उन्होंने समाज के निचले वर्ग, उनकी समस्याओं और संघर्षों को बड़े प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया है।
कुल्ली भट एक चरित्र-आधारित उपन्यास है, जिसमें कुल्ली भट नामक एक पात्र की जीवन यात्रा को केंद्रित किया गया है। कुल्ली भट एक गरीब और मेहनती व्यक्ति है, जो अपने जीवन में गरीबी, सामाजिक भेदभाव और असमानताओं का सामना करता है। यह उपन्यास उस समय के समाज की आर्थिक और सामाजिक स्थितियों की गहरी आलोचना करता है। कुल्ली भट के माध्यम से निराला ने समाज की कुरीतियों और असमानताओं को उजागर किया है। उपन्यास की कहानी उस संघर्ष की है जो एक सामान्य आदमी को अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए करना पड़ता है।”
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियां
Mahabharat Novel Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियांMahabharat Novel Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
“निरुपमा सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित एक प्रसिद्ध उपन्यास है, जो उनके साहित्यिक योगदान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस उपन्यास में निराला ने प्रेम, समाज, और व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को बड़े ही संवेदनशील और गहरे तरीके से प्रस्तुत किया है। निरुपमा में एक स्त्री पात्र की कहानी के माध्यम से निराला ने न केवल प्रेम और संघर्ष की कहानी प्रस्तुत की, बल्कि समाज की कुरीतियों और स्त्री के अधिकारों के बारे में भी गहरी बात की है।
निरुपमा एक प्रेमकहानी है, जिसमें मुख्य पात्र निरुपमा एक आदर्श और साहसी महिला है, जो अपने प्रेम और जीवन के आदर्शों के लिए संघर्ष करती है। उपन्यास में निरुपमा की भावनाओं, उसके प्रेम, समाज में स्त्री की स्थिति, और उसके भीतर की आत्मनिर्भरता का गहराई से चित्रण किया गया है। निरुपमा अपने जीवन में प्रेम और आस्था के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है, लेकिन समाज की बेड़ियाँ उसे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित करती हैं।”
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Rajpal and Sons, कहानियां
Nirala ki Sampooran Kahaniyaan Pb
“सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रसिद्धि मूलतः उनकी कविताओं के कारण है जिसमें विशेष रूप से ‘तुलसीदास’, ‘राम की शक्ति पूजा’ और ‘सरोज स्मृति’ उल्लेखनीय हंै। हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार स्तम्भों में एक माने जाने वाले निराला की सभी रचनाओं में सौंदर्य और संघर्ष का एक अद्भुत मिश्रण पढ़ने को मिलता हैं। शायद यह उनके अपने निजी जीवन की कठिनाइयों का परिणाम था कि उनकी रचनाओं में यथार्थ, समाज-सुधार और अन्याय के प्रति मानवता भरी दृष्टि मिलती है और साथ ही सामाजिक चेतना और किसी भी बंधन को न स्वीकारने की भावना भी। वे कितनी भी कठिन स्थिति में से गुज़रे, लेकिन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करते थे। कविता के अतिरिक्त निराला ने उपन्यास, कहानी और निबन्ध भी लिखे। ‘कुल्लीभाट’, ‘निरुपमा’, ‘बिल्लेसुर बकरिका’ उनके लोकप्रिय उपन्यास हैं। अपने जीवनकाल में उन्होंने कुल पच्चीस कहानियाँ लिखीं, जो सभी इस पुस्तक में संकलित हैं।”
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियां
Nirupama Novel Book By Suryakant Tripathi Nirala in Hindi
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“निरुपमा सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित एक प्रसिद्ध उपन्यास है, जो उनके साहित्यिक योगदान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस उपन्यास में निराला ने प्रेम, समाज, और व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को बड़े ही संवेदनशील और गहरे तरीके से प्रस्तुत किया है। निरुपमा में एक स्त्री पात्र की कहानी के माध्यम से निराला ने न केवल प्रेम और संघर्ष की कहानी प्रस्तुत की, बल्कि समाज की कुरीतियों और स्त्री के अधिकारों के बारे में भी गहरी बात की है।
निरुपमा एक प्रेमकहानी है, जिसमें मुख्य पात्र निरुपमा एक आदर्श और साहसी महिला है, जो अपने प्रेम और जीवन के आदर्शों के लिए संघर्ष करती है। उपन्यास में निरुपमा की भावनाओं, उसके प्रेम, समाज में स्त्री की स्थिति, और उसके भीतर की आत्मनिर्भरता का गहराई से चित्रण किया गया है। निरुपमा अपने जीवन में प्रेम और आस्था के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है, लेकिन समाज की बेड़ियाँ उसे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित करती हैं।”
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Literature & Fiction, Vani Prakashan
SMARAN MIAN HAI AAJ JEEVAN
स्मरण में है आज जीवन अस्वस्थता के दिनों में एक बार हितैषियों की इस माँग पर कि उन्हें आत्मकथा लिखनी चाहिए, निराला ने यह कहा कि मैं अपने बारे में सब कुछ लिख चुका हूँ, मेरा साहित्य पढ़िए। वास्तव में निराला ने अपने साहित्य में ही अपने जीवन का बहुत कुछ शामिल किया है। उनकी प्रसिद्ध लम्बी कविताओं की तो कुछ विद्वानों ने उस तरह से व्याख्या भी की है। निराला की उनके गद्य-साहित्य में बार-बार जो जीवन आता है, जो चरित्र कविताओं आते हैं, निराला और उनके परिवेश में उनकी पहचान संभव है। असल में निराला ने अपनी अनुभूति की ही अपने साहित्य में ढाला। अपने समय, अपने परिवेश से यही संवाद निराला-साहित्य को छायावाद-युग में विशिष्टता प्रदान करता है। इस पुस्तक में निराला की कुछ ऐसी गद्य-रचनाएँ शामिल की गयी हैं, जो उन्होंने समय-समय पर अपने परिवेश, अपने आस-पड़ोस, अपने जीवन पर पर लिखीं। कुछ मिलाकर ये रचनाएँ एक ऐसी चौहदी बनाती हैं कि न सिर्फ़ निराला के जीवन, बल्कि काफ़ी कुछ उनके साहित्य, उनकी रचना-प्रक्रिया को समझने में भी आसानी होती है। हालाँकि निराला के साहित्य की ही तरह, उनके जीवन में भी इतनी विविधताएँ थीं कि उसका पूरी तरह आकलन कर पाना या उसकी कोई व्यवस्था बनाना संभव नहीं है। बल्कि निराला की विशेषता ही यही है कि वह हर चौहदी को तोड़ती प्रतीत होती है। तो भी इस पुस्तक से इतना तो है कि महाप्राण निराला के जीवन के विविध पक्षों की एक झाँकी सी यह पुस्तक बनाती है। यही इस पुस्तक की सफलता है और उपलब्धि भी। निराला ने गद्य को। ‘जीवन-संग्राम की भाषा’ कहा था जोकि इस पुस्तक को। पढ़ते हुए बार-बार स्मरण आता है।
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियां
Suryakant Tripathi Nirala Ki Chayanit Rachanayen
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियांSuryakant Tripathi Nirala Ki Chayanit Rachanayen
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की चयनित रचनाएँ एक महत्वपूर्ण काव्य और गद्य संग्रह है, जिसमें निराला की विभिन्न रचनाओं का संकलन किया गया है। इस पुस्तक में उनके श्रेष्ठ कविताएँ, कहानियाँ और अन्य साहित्यिक रचनाएँ शामिल हैं, जो उनके साहित्यिक योगदान और विचारधारा को प्रमुख रूप से व्यक्त करती हैं।
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की चयनित रचनाएँ में उनके जीवन की गहरी संवेदनाएँ, समाज के प्रति उनकी दृष्टि, और साहित्य में उनके योगदान का चित्रण मिलता है। यह पुस्तक निराला की साहित्यिक यात्रा का एक अहम हिस्सा है, जिसमें उनकी कविताओं, गद्य रचनाओं, और कहानियों को एक स्थान पर संकलित किया गया है। इन रचनाओं में निराला ने जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे प्रेम, युद्ध, समाज, और आध्यात्मिकता पर गहरी सोच व्यक्त की है।
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियां
Suryakant Tripathi Nirala Ki Lokpriya Kahaniyan
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Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, कहानियांSuryakant Tripathi Nirala Ki Lokpriya Kahaniyan
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की लोकप्रिय कहानियाँ एक संग्रह है, जिसमें निराला की कुछ प्रमुख और प्रसिद्ध कहानियों को संकलित किया गया है। इस पुस्तक में निराला के कथा साहित्य का वह पक्ष प्रस्तुत किया गया है, जो उनके जीवन के गहरे अनुभवों, संवेदनाओं और समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता है। निराला की कहानियों में भारतीय समाज के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि जातिवाद, असमानताएँ, संघर्ष और मानवता की गहरी समझ को बड़े प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
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