Author Rajendra Kumar Pandey
ISBN 9789375735038
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2026
Number of pages 160
Binding Style Soft Cover
Akash Pushp
“अयोध्या को सिद्धों की पावन भूमि माना गया है, जहाँ वैष्णव, शैव और शाक्त परंपराओं के अनेक सिद्धों ने विभिन्न कालखंडों में निवास कर मानव मूल्यों को जीवंत बनाए रखा। यह पुस्तक उन्हीं आध्यात्मिक और मानवीय गुणों को समझने का प्रयास है, जो व्यक्ति को संस्कार और साधना के मार्ग पर अग्रसर करते हैं। पुस्तक में बताया गया है कि ये गुण प्रत्येक मानव के भीतर निहित होते हैं, परंतु प्रारब्ध एवं परिस्थितियों के कारण प्रकट नहीं हो पाते।
अयोध्या से उत्पन्न ऐसे शाश्वत मूल्यों को इसमें विस्तार से प्रस्तुत किया गया है, जिनका आधार आध्यात्मिक होने के साथ-साथ वैज्ञानिक भी है। गुरु तत्त्व, तपस्या, ज्ञान, श्रद्धा, मंत्र शक्ति और आसक्ति के बीच विरक्ति जैसे विषयों पर गहन चिंतन किया गया है, जिनका परिणाम कुंडलिनी जागरण के रूप में व्यक्ति में प्रस्फुटित होता है। रामराज्य की आदर्श शासन व्यवस्था तो इसका एक अंश मात्र है। यह पुस्तक इसी साधना के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है और जीवन के मूल उद्देश्यों को समझने में सहायक है। यह कृति अयोध्या के विराट् स्वरूप को समझने का एक प्रयास है, जो अभी पूर्ण नहीं है, बल्कि निरंतर साधना और शोध की प्रक्रिया का हिस्सा है।”
Rs.270.00 Rs.300.00
| Weight | 0.650 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.7 × 1.5 in |
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