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Aparwad


अपरवाद (टिप्पणनुवादसाहित)
पण्डित मधुसूदन ओझा ग्रन्थमाला – 3
पर का अर्थ है आत्मा तथा अपर का अर्थ है प्रकृति। प्रकृति का दूसरा नाम स्वभाव भी है। इसलिए प्रकृति या स्वभाव को सृष्टि का कारण मानने वाले सभी अपरवादी हैं। प्रकृत ग्रन्थ इसी विषय का पूर्णविस्तार से विवेचन करने वाला उत्कृष्ट ग्रन्थ है।

Rs.65.00

Aparwad (Tippani Anuwad Sahit)

अपरवाद (टिप्पणनुवादसाहित)
पण्डित मधुसूदन ओझा ग्रन्थमाला – 3

Weight .289 kg
Dimensions 8.66 × 5.57 × 1.57 in

Author : Madhusudan Ojha, Ganeshilal Suthar
Language : Sanskrit, Hindi

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