Author Virendra Kumar
ISBN 9789355623539
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2025
Number of pages 320
Binding Style Soft Cover
Balshram Unmoolan
“बालश्रम केवल भारतवर्ष की ही नहीं अपितु एक वैश्विक सामाजिक बुराई है। भारत इससे जूझ रहा है और इसके समाधान हेतु सरकारी व गैर-सरकारी प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। बालश्रम के संबंध में भारतीय संविधान में मौजूद अनुच्छेद 24 के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को फैक्टरी, खदान या खतरनाक उद्योगों में किसी भी कार्य हेतु नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए। इसी तरह संविधान के अनुच्छेद 39 (ई) तथा (एफ) में स्पष्ट कहा गया है कि पुरुष, स्त्री अथवा छोटे बच्चों के द्वारा किए जा रहे कार्यों में उनके स्वास्थ्य तथा शरीर का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का शोधग्रंथ ‘बालश्रम उन्मूलन’ स्वतंत्र पुस्तक के रूप में मध्य प्रदेश के सागर क्षेत्र में मौजूद होटल व्यवसाय से जुड़े बालश्रमिकों के जटिल जीवन की गाथा को उकेरने के साथ ही देश के अंदर बालश्रमिकों के लिए नीति-निर्माण का मानक सिद्ध हो सकता है।
इस पुस्तक में बालश्रमिकों के स्वास्थ्य, उनके ऊपर कार्य के दबाव, साफ-सफाई तथा स्वच्छता की कमी आदि व्यापक विषयों पर शोध सर्वे के निष्कर्ष अत्यंत उपयोगी हैं, जो देश में बालश्रम उन्मूलन के लिए एक दिशा-दर्शन का कार्य करेंगे।”
Rs.510.00 Rs.600.00
| Weight | 0.450 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.5 × 1.5 in |
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