बौद्ध दर्शन के प्रमुख सिद्धान्त : बौद्ध दर्शन मानव-व्यक्तित्व के विकास का महत्त्वपूर्ण दर्शन है। प्रस्तुत पुस्तक में बौद्ध दर्शन के प्रमुख सिद्धान्तों का सुगमरीति से सारगर्भित प्रतिपादन हुआ है। इसके 18 अध्यायों में बौद्ध दर्शन के चार सम्प्रदायों (वैभाषिक, सौत्रान्तिक, विज्ञानवाद एवं शून्यवाद) हीनयान, महायान, त्रिपिटक-साहित्य, त्रिशरणगमन, चार आर्यसत्य, प्रतीत्यसमुत्पाद, आष्टांगिक मार्ग, क्षणिकवाद, निर्वाण, सत्यद्वय, प्रज्ञा-उपाय, बोधि-चित्तोत्पाद, चित्तचैतसिक, अनात्मवाद, प्रमाण आदि विषयों का प्रामाणिक विवेचन हुआ है। पुस्तक का लेखन विषय-विशेषज्ञ विद्वानों द्वारा किया गया है। बौद्ध धर्म-दर्शन के प्रमुख सिद्धान्तों के विवेचन से सम्बद्ध यह पुस्तक हिन्दी भाषा में प्रथम पुस्तक है, जिसमें संक्षेप में बौद्ध धर्म-दर्शन के जिज्ञासुओं के लिए बोधप्रदायक पठनीय सामग्री उपलब्ध है।