-10%
, , ,

Bharat Ke Vishwasghati


“भारत विश्वासघातियों का शिकार रहा है। इन लोगों के कारण हमको इतिहास में अनेक बार अपमानजनक स्थितियों से गुजरना पड़ा। यदि भारत के विश्वासघातियों को अलग रखकर भारत का इतिहास पढ़ा जाए तो निश्चित रूप से हमारा इतिहास बहुत गौरवशाली है। इतिहास में हम जब भी पराजित हुए हैं, तब हमें किसी विश्वासघाती के कारण ऐसा अपमान झेलना पड़ा है।

प्रस्तुत पुस्तक में भारत के अनेक विश्वासघातियों के कृत्यों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस दृष्टिकोण से यह पुस्तक इतिहास का एक ऐसा दस्तावेज है, जो संबंधित विषय पर समग्रता से प्रकाश डालने में सक्षम है। पुस्तक में कुछ ऐसे तथ्यों को भी स्पष्ट करने का श्लाघनीय प्रयास किया है, जो अन्यत्र मिलने दुर्लभ हैं। कई ऐसे गद्दारों को भी स्थान दिया गया है, जिनके बारे में इतिहास में बहुत अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं होती है।

इतिहास से शिक्षा लेकर हमें ‘राष्ट्र प्रथम’ के आधार पर कार्य करना होगा। जिन लोगों ने अतीत में अपने देश के साथ गद्दारी की, उनके क्रूर-कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए राष्ट्रीय संस्कारों को निखारना होगा।”

Rs.360.00 Rs.400.00

Author Rakesh Kumar Arya
ISBN 9789375737131
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2026
Number of pages 208
Binding Style Soft Cover

Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.7 × 1.5 in

Based on 0 reviews

0.0 overall
0
0
0
0
0

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.

There are no reviews yet.