Publisher: Kalpana Prakashan, New Delhi
Author Umesh Joshi
Language: Hindi
Cover: HARDCOVER
ISBN: 9789386630148
Bharateey Sangeet Ka Itihaas
भारतीय संगीत का इतिहास
अपनी पुस्तक के प्रथम प्रकरण में जोशीजी ने “संगीत
का जन्म” पर विश्व के अनेक विद्वानों के विभिन्न मतों का उल्लेख किया है जोकि मनोरंजनात्मक, हृदयस्पर्शी तथा मार्मिक भी है।
दूसरे प्रकरण में संगीत और भाषा के जन्म का विश्लेषणात्मक विवेचन किया गया, जिसमें कि यह सिद्ध किया है कि भाषा से पूर्व, संगीत का जन्म हो चुका था।
तीसरे प्रकरण में “भारत की प्राकृतिकावस्था का संगीत पर क्या प्रभाव पड़ा” पर सुन्दर प्रकाश डाला है।
चौथे प्रकरण में प्रागैतिहासिक काल के संगीत पर प्रकाश डाला है। इस काल को पूर्व पाषाणकाल, उत्तर पाषाण काल, ताम्र काल तथा लौह काल इत्यादि चार भागों में विभक्त किया है।
पाँचवें प्रकरण में सिंधु नदी की घाटी तथा हड़प्पा (पंजाब) की सभ्यता व संगीत पर ऐतिहासिक दृष्टि से विचार किया है जोकि बड़ा महत्त्वपूर्ण है।
छठे प्रकरण में वैदिक युग के सांस्कृतिक विकास का गौरवपूर्ण ढंग से विस्तृत रूप का वर्णन करके यह प्रमाणित किया है कि वैदिक संस्कृति का विकास भारत में ही हुआ और यहीं से निकलकर भारतीय संगीत विश्व में फैला।
सातवें प्रकरण में पौराणिक काल के संगीत व सामाजिक परिस्थिति का प्रलुब्धकारी वर्णन किया गया है।
आठवाँ प्रकरण रामायण काल में संगीत के विकास पर प्रकाश डालता है, इसमें यह दर्शाया है कि तब, संगीत का आत्मिक सौन्दर्य, समाज में पूर्णतया विकसित हो चुका था। संगीत-चरित्र की मर्यादा की रक्षा का साधन बन गया था।
नवें प्रकरण में महाभारत काल में संगीत के महत्त्व पर बड़े रोचक शब्दों में लिखा है। भगवान् श्रीकृष्ण को, संगीत के युग प्रवर्त्तक आचार्य प्रमाणित किया है।
दसवें प्रकरण में पाणिनि काल के संगीत की लोकप्रियता का वर्णन है।
ग्यारहवाँ प्रकरण में जनपदों के विषय में है। इसमें यह प्रमाणित किया है कि भारतीय संगीत, विदेशों में किस प्रकार पहुँचा। महाराजा वत्सराज उदयन के संगीत प्रेम का वर्णन गौरवमय है।
Rs.1,299.00 Rs.1,495.00
| Weight | 0.850 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.51 × 1.57 in |
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