Dharti Ab Bhi Ghoom Rahi Hai | धरती अब भी घूम रही है
Vishnu Prabhakar
‘पद्यमभूषण’ से सम्मानित लेखक विष्णु प्रभाकर का यह कहानी-संकलन हिन्दी साहित्य में मील का पत्थर साबित हुआ है। इसमें लेखक ने जिन चुनिंदा सोलह कहानियों को लिया है उन की दिलचस्प बात यह है कि अपनी हर कहानी से पहले उन्होंने उस घटना का भी उल्लेख किया है जिसने उन्हें कहानी लिखने की प्रेरणा दी।
Rs.300.00
Dharti Ab Bhi Ghoom Rahi Hai | धरती अब भी घूम रही है
Vishnu Prabhakar
| Weight | .200 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.66 × 4.72 × 1.57 in |
AUTHOR : Vishnu Prabhakar
PUBLISHER : Rajpal and Sons
LANGUAGE : Hindi
ISBN :9788170289999
BINDING : (HB)
PAGES : 160
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