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Dharti Mera Ghar


स्वयं को महाराणा प्रताप का वंशज मानने वाले गाड़िये-लुहारों के जीवन चरित्र पर आधारित है रांगेय राघव का यह उपन्यास। आज के प्रगतिशील युग में भी गाड़िये-लुहार आधुनिकता से कोसों दूर अपने ही सिद्धांतों, आदर्शों और जीवन मूल्यों पर चलते हैं।कभी घर बनाकर न रहने वाले, खानाबदोशों की तरह जीवन यापन करने वाले और समाज से अलग रहने वाले इन गाड़िये-लुहारों के जीवन के अनछुए और अनदेखे पहलुओं का जैसा सजीव वर्णन इस उपन्यास मे हुआ है, यह रांगये राघव जैसा मानव मनोभावों का चितेरा लेखक ही कर सकता है

Rs.175.00

ISBN 9788170000000
Author Rangey Raghav
Language Hindi
Publisher Rajpal and Sons
Pages 116
Book Type Hardbound

Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.7 × 1.5 in

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