- Ravindra Kumar
- 9789355626158
- Hindi
- Prabhat Prakashan
- 1st
- 2024
- 88
- Soft Cover
Hindi Books, Prabhat Prakashan, इतिहास, उपन्यास, सही आख्यान (True narrative)
Doosri Jung
“हे मेरी स्मृति के आलोक ! पृथक कर दे मुझे
इस मायावी संसार से खींच ले माया मेरी काया से
जब्त कर ले गुलाबी-सौरभ और पाट दे जीवन-बाग को
उसी कँटीली नागफनी से जो बाग में नहीं
सुदूर रेगिस्तानों में उगती है और जिनके शोले में तिरोहित पुष्प
रेगिस्तानी काफिले को क्षण भर में नाचती मरीचिका से बाहर कर सके |
— इसी संग्रह से”
Rs.180.00 Rs.200.00
| Weight | 0.450 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.51 × 1.57 in |
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