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“प्रस्तुत पुस्तक ‘गौहन्ना. कॉम’ अवध की ग्रामीण संस्कृति की सहज अभिव्यक्ति है। डॉ. मिश्र की स्मृतियाँ इस पुस्तक में सजीव हो उठी हैं। डॉ. मिश्र ने अपने भीतर के गाँव को कभी अलग नहीं होने दिया। इस पुस्तक के बहाने डॉ. मिश्र अपने बचपन की ओर लौटते हैं। ग्रामीण जीवन के अनेक रंगों को उन्होंने कागज के पन्नों पर मानो उकेर दिया है। उनकी भाषा में अवध की मिठास है। बचपन की स्मृतियों को सहेजकर रखना और उसे आने वाली पीढ़ी के साथ साझा करना एक चुनौती है। इस पुस्तक में लेखक ने इसी चुनौती से दो-दो हाथ किए हैं।

जिन बिंबों, प्रतीकों के सहारे पगडंडियों से होता हुआ व्यक्ति महानगरों में पहुँचता है, जीवन में उनकी भी भूमिका है। रसीले महुए से लेकर फरे के स्वाद तक बहुत कुछ ऐसा है, जिसे भूल पाना संभव नहीं है। डॉ. मिश्र की अभिव्यक्ति एक बार फिर से उन्हीं पगडंडियों की ओर ले जाती है, जिन पर चलते हुए बुने गए ख्वाबों ने जीवन को एक नई दिशा दी। लेखक को गाँव के खेत, खलिहान, पशु-पक्षी सभी रह-रहकर याद आते हैं। मास्साब से लेकर शुक्ला दरोगा तक सभी पर लेखक ने साधिकार लिखा है। ऐसे अनेक चरित्र, जिनके प्रयासों से लोक संस्कृति का संरक्षण होता है, पुस्तक में उनका उल्लेख करके लेखक ने एक परिपक्व रचनाधर्मी होने का परिचय दिया है।”

Rs.270.00 Rs.300.00

(Author) Dr. Lalit Narayan Mishra
ISBN 9789355629999
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2025
Number of pages 168
Binding Style Soft Cover

Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.7 × 1.5 in

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