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Ghar Ki Murgi


“महात्मा गांधी ने स्वदेशी का मंत्र दिया था। आज इसमें खास तरक्की हुई है। अब पेप्सी कोला नामक अमेरिकी कंपनी इस देश में कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के पहाड़ लगा देगी। बच्चे दूध की बजाय कोल्ड ड्रिंक माँगा करेंगे। चॉकलेट, ब्रेड, हैमबर्गर और कारों से लेकर पंचतारा होटलों तक इस नए स्वदेशी का बोलबाला होगा। अमेरिकी जींस हमारी नई पीढ़ी की राष्ट्रीय पोशाक होगी। स्टार टी.वी., सी.एन.एन. के अंतरराष्ट्रीय प्रोग्राम से हमारे टी.वी. को गांधीजी का स्वदेशी संस्कार दिया जा रहा होगा। कोष (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) का कर्ज स्वदेशी के राम नाम सत्य का समयबद्ध कार्यक्रम चलाता रहेगा।’

हाँ जी, यह स्वदेशी व्यंग्यों का संग्रह है-देखन में छोटे, पर गंभीर घाव करने वाले व्यंग्यों का संग्रह। ये व्यंग्य अपनी लोकप्रियता और प्रासंगिकता के लिए सदाबहार कहे जा सकते हैं।”

Rs.270.00 Rs.300.00

Author Dinanath Mishra
ISBN 9789355626394
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2025
Number of pages 168
Binding Style Soft Cover

Weight 0.450 kg
Dimensions 8.5 × 5.7 × 1.5 in

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