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Hanumat Kautuk An Recap of Sunderkand Hanuman Stuti (PB)


“श्रीमद्वाल्मीकि रामायण और श्रीरामचरितमानस को केंद्र में रखकर अध्यात्म, कंब आदिरामायण, लोक-परंपराओं, विश्वासों और इतिहास-भूगोल की अवधारणाओं को सहेजते हुए, काव्य-परंपरा, साहित्य, शब्द-संपदा और संवेगों का अनुशीलन इस पुस्तक में किया गया है। अनेक ग्रंथों में वर्णित कथाओं की एक सूत्रता, उनके परस्पर भेद और उनकी युक्ति-तर्क प्रमाण उद्धरणों के साथ द्विवेदीजी ने प्रस्तुत किए हैं।

युगों में प्रवाहित रामकथा में मानव-चेतना के विकास-क्रम से आए परिवर्तन, अलग-अलग भाषा- संस्कृतियों में आकारित होता हुआ, उसका स्वर और जीवन की चिंताओं को सहेजती, उनका उत्तर खोजती रामकथा की सर्वहितैषिणी वृत्ति के अनेक सुंदर दृश्य इस पुस्तक में बारंबार दृष्टिगत होते हैं।

यह एक रामायण पाठ जैसा तो है ही, रामायण पाठ की प्रेरणा भी है, जिसे लेखक की सफलता के रूप में देखा जाना चाहिए। संस्कृत भाषा और आर्ष प्रतिपादन शैली से दूर होते गए लोक को सहज और सामाजिक निर्वचन के माध्यम से रामकथा के तत्त्वों से परिचित कराना एक महत्त्वपूर्ण कार्य है। यह परंपरा का पाठ है।”

Rs.299.00 Rs.350.00

रामधनी द्विवेदी

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के चक्के गाँव में 31 अगस्त, 1949 को जन्म। शिक्षा कानपुर में। बी.एससी., एम.ए. (प्राचीन भारतीय इतिहास और संस्कृति) । जनवार्ता, आज, अमृत प्रभात, अमर उजाला और दैनिक जागरण में 50 वर्ष तक वरिष्ठ पदों पर कार्य करने के बाद सेवानिवृत्त। 15 वर्षों तक निरंतर विज्ञान लेखन।

विज्ञान लेखन के लिए प्रयागराज की विज्ञान परिषद् से सम्मानित । तीन पुस्तकें ‘तिनका-तिनका यादें’, ‘दक्षिणापथ : अगस्त्य के देश में’ और ‘तबला बजाना सीखें’ प्रकाशित। भारतीय शिक्षा बोर्ड में कक्षा सात में महावीर स्वामी एवं कक्षा आठ में संत वसवन्ना नामक पाठ का निर्माण; ‘कुदाल से कलम तक’ (आत्मकथा) प्रकाशनाधीन ।

Weight 0.350 kg
Dimensions 8.7 × 5.5 × 1.5 in

Author Ramdhani Dwivedi
ISBN 9789389471946
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2024
Number of pages 200
Binding Style Soft Cover

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