Author Kumud Sharma
ISBN 9789375731894
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2026
Number of pages 160
Binding Style Hard Cover
Hindi Sahitya Ke Vivad-Samvad
“इस पुस्तक में उन महत्त्वपूर्ण विवादों पर चर्चा की गई है, जिन्हें हिंदी साहित्य की विकास यात्रा में स्मरणीय माना गया और जिनका ऐतिहासिक महत्त्व है। साथ ही जिन्होंने एक स्वस्थ बहस को जन्म दिया और व्यापक स्तर पर हिंदी भाषा के विद्वानों और साहित्यिक जगत् को प्रभावित किया।
इस पुस्तक में दो खंड हैं। पुस्तक का पहला खंड समय-समय पर हिंदी साहित्य के इतिहास में उठे उन ऐतिहासिक विवादों पर केंद्रित है, जिन्होंने बहस के लिए अपने समय के साहित्य के महारथियों को आंदोलित किया।
दूसरा खंड भाषा और व्याकरण संबंधी विवादों और संवादों पर केंद्रित है। इन विवादों ने भाषा संस्कार के प्रति पाठकों में अतिरिक्त सजगता पैदा की। हिंदी साहित्य के इतिहास में दर्ज ये विवाद इस बात के प्रमाण हैं कि हमारे वैयाकरणों और भाषाशास्त्रियों ने एक-एक शब्द के लिए, व्याकरण के नियमों के लिए कैसी-कैसी उखाड़-पछाड़ की।
विवादों के बावजूद साहित्यकारों के आपसी संबंधों में एक-दूसरे की चिंता करने का मानवीय भाव किस तरह बचा रहता था, यह सब जानना-समझना साहित्यिक अभिरुचि के पाठकों को निश्चय ही रुचिकर लगेगा।”
Rs.450.00 Rs.500.00
| Weight | 0.850 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.51 × 1.5 in |
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