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Jeevan Ka Satya By Rabindra Nath Thakur


“रवींद्रनाथ टैगोर की “”जीवन का सत्य”” केवल एक साहित्यिक कृति नहीं है, बल्कि यह जीवन के गहरे और व्यापक दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने का एक साधन है। उनकी यह रचना भारतीय समाज के साथ-साथ पश्चिमी दुनिया में भी गहरी छाप छोड़ने में सफल रही। टैगोर के विचार और उनके लेखन की यह विशिष्टता थी कि उन्होंने जीवन, प्रेम, आत्मा, और ईश्वर के बारे में विचार करते हुए सांस्कृतिक और धार्मिक सीमाओं को पार किया।

यह रचना यह सिखाती है कि जीवन का असली अर्थ बाहरी उपलब्धियों और भौतिक सुखों से नहीं है, बल्कि यह हमारे आंतरिक सत्य, आत्मा की शुद्धता, और परमात्मा के साथ जुड़ने में है। रवींद्रनाथ टैगोर ने हमें यह समझने का अवसर दिया कि जीवन के गहरे अर्थ को समझने और स्वीकार करने के लिए हमें अपने भीतर की यात्रा करनी चाहिए।”

Rs.270.00 Rs.300.00

  •  Rabindra Nath Thakur
  •  9789348724984
  •  Hindi
  •  Prabhat Prakashan
  •  1st
  •  2025
  •  184
  •  Soft Cover
Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.5 × 1.5 in

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