Author Shyam Kishore Choubey
ISBN 9789355622563
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2025
Number of pages 265
Binding Style Soft Cover
Jharkhandnama
झारखंड एक अजूबा राज्य है। बहुत प्यारा-सा असीम संभावनाओं वाला। प्रकृति ने दिल खोलकर इस पर सारा कुछ लुटा दिया है। पर्यटन, खनिज, वन और हॉर्टिकल्चर संपदा आधारित उद्योग, कृषि, खेल, शिक्षा आदि जिस किसी क्षेत्र पर शासन-प्रशासन और सिविल सोसाइटी कार्य करना चाहे, बहुत ऊँचाई तक ले जा सकता है, लेकिन…। इस लेकिन की भरपाई बाद में भी की जा सकती थी, लेकिन अपने लोग भी राज्य की संपदा में लूटपाट मचाने लगे, इसलिए पूरा-का-पूरा सूबा बदनामियों का सबब बन गया है। सामान्य लेखों से इस गाथा को बयान करना संभव नहीं है, फिर भी कोशिश है कि इसकी हकीकत समझी जाए और आने वाली नस्लें उनसे सबक ले सकें। इसके स्याह पक्ष में छिपा यह उजाला है। उम्मीद ही दुनिया का दूसरा नाम है। उम्मीद है कि पाठक इस छोटे से प्रयास को समझेंगे; गुण-ग्राहक की नाईं।
Rs.450.00 Rs.500.00
| Weight | 0.450 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.7 × 1.5 in |
Based on 0 reviews
Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.







There are no reviews yet.