कंवर पाल सिंह गिल (29.12.1934-26.5.2017) एक लेखक, संपादक, वक्ता, आतंकवाद-विरोध पर सलाहकार थे। गिल सन् 1958 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए और उन्हें पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय राज्यों में नियुक्त किया गया। पंजाब में उनके सराहनीय काम के लिए उन्हें ‘सुपरकॉप’ कहा गया है, जहाँ वे 1988 से 1990 तक पुलिस महानिदेशक रहे। गिल संघर्ष प्रबंधन संस्थान (आई.सी.एम.) के संस्थापक अध्यक्ष थे। वे भारतीय हॉकी महासंघ (आई.एच.एफ.) के अध्यक्ष रहे।
सन् 2002 की गुजरात हिंसा के बाद गिल को गुजरात राज्य का सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया था। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी नियुक्ति पर टिप्पणी करते हुए कहा था, ‘गिल जैसे अनुभवी व्यक्ति को मेरे सुरक्षा सलाहकार के रूप में पाना अच्छी बात है। गिल ने पंजाब आतंकवाद की समस्या को बहुत प्रभावी ढंग से निपटा था।’
सन् 1989 में उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया गया। गिल ने छह पुस्तकें लिखीं-‘पंजाब : द नाइट्स ऑफ फॉल्सहुड’, ‘मोस्ट वांटेड’, ‘पंजाब स्टोरी’, ‘इसलाम और धार्मिक दंगे एक केस स्टडी-दंगे और गलतियाँ’, ‘कुरह फिरे परधान’, ‘पंजाब : भीतर के दुश्मन : विषाक्त पदार्थों से भरी एक घायल भूमि की पीड़ा’।





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