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Kalam Vanshvriksh


“यह पुस्तक भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की भतीजी द्वारा लिखा अंतरंग संस्मरणों का एक संकलन है, जो उनसे और उनके परिवार से बहुत करीब से जुड़ा हुआ है। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की भतीजी के रूप में उन्होंने अपने प्रसिद्ध चाचा के जीवन पर परिवार और विरासत के गहन प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप से देखा। यह पुस्तक भारत के प्रिय ‘मिसाइल मैन’ के पारिवारिक जीवन और पैतृक जड़ों की एक दुर्लभ झलक प्रस्तुत करती है।

यह पुस्तक आपको तमिलनाडु के रामेश्वरम् में डॉ. कलाम के जीवन की साधारण शुरुआत की कहानी बताती है, जहाँ युवा कलाम की जिज्ञासा और ज्ञान की प्यास एक घनिष्ठ मुसलिम परिवार के बीच पली-बढ़ी। उनके माता-पिता के त्याग से लेकर उनके दादा-दादी द्वारा दिए गए ज्ञान तक, यह पुस्तक भारत के राष्ट्रपति बनने की उनकी यात्रा पर परिवार के अमिट प्रभाव को भी सामने लाती है।

यह उन सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों पर जोर देती है, जो उन्हें विभिन्न पीढ़ियों से विरासत में मिलीं। यह मुख्य रूप से दरशाती है कि ऐतिहासिक घटनाओं, युद्धों, सामाजिक परिवर्तनों, आर्थिक स्थितियों आदि ने उनके व्यक्तित्व पर कैसे और क्या प्रभाव डाला। यह पुस्तक विरासत की शक्ति, दृढ़ता और ज्ञान-मूल्यों की खोज के लिए एक श्रद्धांजलि है, जो कलाम वंश के अंदर गहराई से प्रतिध्वनित होती है।”

Rs.270.00 Rs.300.00

Author Ed. Dr. A.P.J.M. Nazema Maraikayar
ISBN 9789355626370
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2025
Number of pages 160
Binding Style Soft Cover

Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.5 × 1.5 in

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