, , ,

Kumarsambhav


संस्कृत के सर्वश्रेष्ठ कवि कालिदास ने ‘कुमारसंभव’ महाकाव्य में श्रृंगार-सौंदर्य का जैसा वर्णन किया है वैसा अन्यत्र दुर्लभ है। ‘उपमा कालिदासस्य’ तो प्रसिद्ध ही है कि आज तक कोई कवि कालिदास जैसी उपमा नहीं दे सका। ‘कुमारसंभव’ में कालिदास ने शिव-पार्वती के अंतरंग क्षणों का ऐसा जीवंत सौंदर्य-चित्रण किया जो संस्कृत साहित्य में अनुपम है।’कुमारसंभव’ संस्कृत साहित्य की गौरवपूर्ण कृतियों में एक उल्लेखनीय महाकाव्य है जिसको पढ़ते समय पाठक उसी में रम जाता है।

Rs.185.00

ISBN 9788170000000
Author Kalidas
Language Hindi
Publisher Rajpal and Sons
Pages 120
Book Type Paperback

Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.7 × 1.5 in

Based on 0 reviews

0.0 overall
0
0
0
0
0

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.

There are no reviews yet.