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Mahabharata Raj Shekhar Basu


महाभारत
बांग्ला साहित्य में अपनी बहुमुखी प्रतिभा के कारण समादृत लेखक राजशेखर बसु ने अत्यंत सहज और सरल भाषा में ‘कृष्णद्वैपायन व्यासकृत महाभारत’ का अनुवाद कर बंगाल के घर-घर में इसे सम्मानपूर्वक स्थान दिया। सन् 1949 में इसका प्रथम संस्करण कलकत्ता के प्रकाशक एम. सी. सरकार एण्ड सन्स प्रा.लि. द्वारा प्रकाशित होने के साथ ही यह साहित्यिक जगत में चर्चित तो हुआ ही, आम पाठकों में भी अत्यंत लोकप्रिय साबित हुआ। इस पुस्तक की जनप्रियता इस बात से भी सिद्ध होती है कि न सिर्फ़ हिंदू पाठकों बल्कि पश्चिम बंगाल और बांग्ला देश के मुस्लिम पाठक भी इसे हाथो हाथ ले चुके हैं। बांग्लादेश के सुप्रसिद्ध कथाकार और वहां के राजशाही विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर रहे हसन अजीजुल हक़ कहते हैं, ‘यह मेरी प्रिय पुस्तक है। जब भी इच्छा हो मैं इसे पढ़ते हुए इसमें डूब सकता हूं।’
अपने वृहदाकार के कारण प्राचीन काल की इस अन्यतम श्रेष्ठ कृति का संपूर्ण पाठ साधारण मनुष्यों के लिए दुष्कर है। राजशेखर बसु ने वृहत् मूल महाभारत की आत्मा को अक्षुण्ण रख इसका संक्षिप्त रूप पाठकों के लिए सुलभ कराया है। इसमें मूल महाभारत के प्रायः समस्त आख्यान और उपाख्यान समाहित हैं। साधारण पाठकों के लिए जो मनोरंजक नहीं, उसे छोड़ दिया गया है, जैसे कि विस्तारित वंशवर्णन या पुनरुक्त विषय। औपन्यासिक शैली में निरपेक्ष भाव से लिखा गया यह महाभारत उनके लिए भी रुचिकर होगा जो इसे पहली बार पढ़ेंगे और निस्संदेह यह शोधार्थियों के लिए भी सहायक होगा।

Rs.585.00 Rs.650.00

Publisher ‏ : ‎ PRAKASHAN SANSTHAN
ISBN-13 ‏ : ‎ NA
Author : Raj Shekhar Basu

Weight 0.650 kg
Dimensions 8.7 × 5.7 × 1.5 in

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