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Maniheen | Durbhagya Chakra By Rabindra Nath Thakur


“मनीहीन कहानी में एक व्यक्ति, जो धन और समृद्धि की तलाश में पूरी जिंदगी गुजार देता है, उसकी असली मानसिक स्थिति को दिखाया गया है। वह व्यक्ति धन कमाने के उद्देश्य से समाज और रिश्तों से दूर हो जाता है, लेकिन अंततः उसे यह समझ में आता है कि सच्चा सुख और शांति भौतिक संपत्ति से नहीं, बल्कि आंतरिक संतुलन और प्यार से मिलती है।

दुर्भाग्य चक्र कहानी हमें यह समझाती है कि जीवन में संघर्ष और दुखों का सामना करना पड़ता है, लेकिन वही हमें मजबूत बनाता है और हमारे अंदर की छुपी हुई ताकत को पहचानने का अवसर देता है। यह कहानी यह भी दिखाती है कि हम अपने दुर्भाग्य को कैसे एक शिक्षा और अवसर के रूप में देख सकते हैं।”

Rs.299.00 Rs.350.00

  •  Rabindra Nath Thakur
  •  9789348724427
  •  Hindi
  •  Prabhat Prakashan
  •  1st
  •  2025
  •  208
  •  Soft Cover
Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.5 × 1.5 in

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