-10%
, , ,

Mushar Samaj Ka Itihas Va Yogdan


“दर्द की अवधारणा से कोई भी इनसान अनभिज्ञ नहीं है। यह एक अपरिहार्य सार्वभौमिक अनुभव है। श्वेता सिंह कीर्ति का दर्द दुर्भाग्य से उनके 34 वर्षीय भाई, बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के कारण बहुत सार्वजनिक हो गया है।

हालाँकि उन्होंने जो सीखा, वह यह है कि दर्द अपरिहार्य है, लेकिन पीड़ा वैकल्पिक है। यह दर्द ही है, जो हमें पीड़ा से ऊपर उठना सिखा सकता है और उन सीमाओं से ऊपर उठना सिखा सकता है, जो हम अपने भौतिक लक्ष्यों, जैसे कि पैसा, प्रसिद्धि, सफलता और रिश्तों के प्रति लगाव के साथ खुद के लिए बनाते हैं। इस पुस्तक में श्वेता ने अपनी सीख साझा की है, ताकि इस कठिन लेकिन आवश्यक यात्रा में कोई भी अकेला न रहे।

विज्ञान, अध्यात्म और दर्शन का संश्लेषण करती हुई ‘दर्द आत्मज्ञान की जागृति’, आंतरिक शांति और पूर्णता प्राप्त करने के लिए एक परिवर्तनकारी यात्रा पर निकलने का निमंत्रण है, चाहे जीवन में आपके सामने कोई भी चुनौती क्यों न आए।”

Rs.225.00 Rs.250.00

Author Basant Kumar
ISBN 9788198803467
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2025
Number of pages 128
Binding Style Soft Cover

Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.7 × 1.5 in

Based on 0 reviews

0.0 overall
0
0
0
0
0

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.

There are no reviews yet.