- Rabindra Nath Thakur
- 9789348724113
- Hindi
- Prabhat Prakashan
- 1st
- 2025
- 176
- Soft Cover
Nati Ki Pooja Aur Mukut | Raktakarabi By Rabindra Nath Thakur
“रक्तकरबी नाटक की कथा एक काल्पनिक समाज में घटित होती है, जहाँ लोगों का शोषण होता है और हर व्यक्ति को अपने अस्तित्व की रक्षा करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। कहानी की मुख्य नायिका, “”नाती””, एक प्रतीक है जो असमानता और शोषण के खिलाफ खड़ा है।
मुकुट नाटक का एक अन्य महत्वपूर्ण भाग है, जो सत्ता, सम्मान, और अधिकार के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह एक प्रतीकात्मक वस्तु है, जो नाटक में मानवता, सत्ता की भूख, और उसके परिणामों को दर्शाती है। यह मुकुट केवल एक भौतिक वस्तु नहीं, बल्कि यह उस अधिकार और शक्ति का प्रतीक है, जिसे लोग प्राप्त करने के लिए संघर्ष करते हैं, लेकिन साथ ही यह उनके जीवन को प्रभावित भी करता है।”
Rs.270.00 Rs.300.00
| Weight | 0.450 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.5 × 1.5 in |
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