प्रोफेसर विवेकानंद तिवारी धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों के विद्वान है। तिवारी टोला, भभुआ, कैमूर (बिहार) में जन्मे, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से शिक्षित प्रो० तिवारी की १५० से ज्यादा पुस्तकें और २५० से ज्यादा शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। अनेक संस्थाओं से प्रो. तिवारी को प्राप्त सम्मानो में ‘भारत-भारती सम्मान’, ‘मालवीय शिक्षा सम्मान’, ‘राष्ट्र गौरव सम्मान’, ‘यू०पी० गौरव सम्मान’, ‘शारदा शताब्दी सम्मान’ एवं ‘महाशक्ति सम्मान’ विशेष उल्लेखनीय हैं। सम्प्रति आप अम्बेडकर पीठ (हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला) के अध्यक्ष हैं।
विशेषः प्रो० तिवारी का २०२३ में एक साथ ६१ पुस्तकों का प्रकाशन जो कि एक विश्व कीर्तिमान है।
Pandit Deendayal Upadhyay Krtitv Vyaktitv Tatha Viraasat
सहृदयता, बुद्धिमता, सक्रियता एवं अध्ययनसायी वृत्ति वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक व्यक्ति नहीं, अपितु एक विचार और जीवन-शैली हैं। भारत और भारतीयता उनके जीवन और चिंतन का आवृत्त है। राष्ट्रसेवा को सर्वोपरि मानने वाले और राष्ट्र एवं समाज के प्रति आजीवन समर्पित रहने वाले पंडित जी ने अपने मौलिक चिंतन से राष्ट्र-जीवन को प्रेरित और प्रभावित किया।
पंडित दीनदयाल जी ने एकात्म मानव दर्शन की एक ऐसी दार्शनिक अवधारणा भारत की राजनीति को देने का काम किया है, जो कि अन्य अवधारणाओं से सर्वथा भिन्न है, और भारत की संस्कृति, भारत की परंपरा एवं भारत की प्रकृति के सर्वथा अनुरूप है।
पंडित दीनदयाल जी का स्पष्ट रूप से यह कहना था कि व्यक्ति के संबंध में, समाज के संबंध में, परिवार के संबंध में, सृष्टि के संबंध में कभी भी एकांगी विचार नहीं होना चाहिए।
Rs.350.00
| Weight | 0.450 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.5 × 1.5 in |
Author Vivekanand Tiwari
ISBN 9788119202706
Language Hindi
Publisher Luminous Books
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