Title: Pascatya Anubhavavad aur Satyata ke Siddhanta(Western Empiricism and Theory of Truth)
Author: Dr. Hemlata Srivastava
ISBN 13: 9788195453030
ISBN 10: 8195453031
Year: 2024
Language: Hindi
Binding: Hardback
Publisher: Akshaya Prakashan
Pascatya Anubhavavad aur Satyata ke Siddhanta (PB)
प्रस्तुत ग्रन्थ की रचना का उद्देश्य पाश्चात्य अनुभववाद और उसके विभिन्न ज्ञानमीमांसीय सिद्धान्तों का आलोचनात्मक अध्ययन है। आधुनिक एवम् समकालीन पाश्चात्य दर्शन का केन्द्र-बिन्दु ज्ञानमीमांसा है। यत्र-तत्र लॉक, बर्कले, ह्यूम, विट्गेंस्टाइन, एयर, राइल, ऑस्टिन, जेम्स और काँट के दर्शन से सम्बन्धित ज्ञानमीमांसीय समस्याओं का विस्तृत विवेचन किया गया है। विशेषतः कार्नेप, राइल, श्लिक, विट्गेंस्टाइन, ऑस्टिन, एयर एवं वियना सर्किल के अन्य दार्शनिकों के सन्दर्भ में अनुभववाद की मुख्य स्थापनाओं का तुलनात्मक और समीक्षात्मक अध्ययन, इस पुस्तक के महत्त्व को और बढ़ा देता है। काँट ने तो दर्शनशास्त्र को ज्ञानमीमांसा के रूप में ही सम्भव माना है। प्रस्तुत ग्रन्थ में बहुत ही सुबोध शैली में पाश्चात्य दार्शनिक सिद्धान्तों के अतिरिक्त अन्य भारतीय ज्ञानमीमांसीय पद्धतियों का विवेचन किया गया है जो कि प्रथम अध्याय में ‘ज्ञान का स्वरुप’ शीर्षक के अन्तर्गत वर्णित है।
इस ग्रन्थ में ज्ञान की प्रामाणिकता का विवेचन सत्यता के निकषों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसका विवेचन मैंने इस ग्रन्थ के अन्तिम अध्याय में विस्तारपूर्वक किया है l
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| Weight | 0.350 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.5 × 5.5 × 1.0 in |
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संदीप देव
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