ISBN 9788170000000
Author Rangey Raghav
Language Hindi
Publisher Rajpal and Sons
Pages 112
Book Type Hardbound
Hindi Books, Rajpal and Sons, इतिहास, सही आख्यान (True narrative)
Path Ka Paap
हिंदी के जाने-माने लेखक रांगेय राघव का उपन्यास ‘पथ का पाप’ एक कालजयी रचना है। अपनी अन्य कृतियों की तरह अपने उपन्यास के लिए भी उन्होंने ग्रामीण परिवेश को ही आधार बनाया है।ग्रामीण में व्याप्त अन्धविश्वास और धार्मिक आडम्बरों को रेखांकित करने के साथ-साथ लेखक ने पारिवारिक संबंधों पर आधुनिकता के प्रभाव को भी बखूबी दर्शया है।
Rs.165.00
| Weight | 0.450 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.7 × 1.5 in |
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