, , ,

Path Ka Paap


हिंदी के जाने-माने लेखक रांगेय राघव का उपन्यास ‘पथ का पाप’ एक कालजयी रचना है। अपनी अन्य कृतियों की तरह अपने उपन्यास के लिए भी उन्होंने ग्रामीण परिवेश को ही आधार बनाया है।ग्रामीण में व्याप्त अन्धविश्वास और धार्मिक आडम्बरों को रेखांकित करने के साथ-साथ लेखक ने पारिवारिक संबंधों पर आधुनिकता के प्रभाव को भी बखूबी दर्शया है।

Rs.165.00

ISBN 9788170000000
Author Rangey Raghav
Language Hindi
Publisher Rajpal and Sons
Pages 112
Book Type Hardbound

Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.7 × 1.5 in

Based on 0 reviews

0.0 overall
0
0
0
0
0

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.

There are no reviews yet.