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Ramakatha


श्री रामनारायण वैद्य का जन्म मध्य प्रदेश के सतना जिले में उचेहरा ग्राम में 9 सितंबर 1931 को हुआ। उन्होंने एम.ए., एल.एल.एम. तक शिक्षा प्राप्त की और प्रत्येक परीक्षा में सर्वप्रथम रहे। बी.ए. में उन्हें संस्कृत और दर्शन शास्त्र विषयों में स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ।
1956 में संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से अवर सचिव, विधान सभा के पद पर चुने जाकर 1968 में वे आई.ए.एस. में आये और कलेक्टर, कमिश्नर, विभागाध्यक्ष, सचिव आदि रहने के बाद 1988 में वे म०प्र० लोक सेवा आयोग के सदस्य नियुक्त किये गये और 1993 में सेवानिवृत्त हुये।
अंकगणित पर उनकी लिखी पुस्तकें 1953 से 20 वर्षों तक माध्यमिक कक्षाओं में पाठ्य पुस्तकों के रूप में मान्य रहीं। उन्होंने हिन्दी अपठित और रचना, हिन्दू-मुस्लिम उत्तराधिकार नियम आदि पुस्तकें भी लिखीं और अनेक पत्र-पत्रिकाओं में कविता, कहानी और लेख भी लिखते रहे।
सेवानिवृत्ति के पश्चात् उन्होंने प्राचीन भारतीय सांस्कृतिक एवं धार्मिक साहित्य पर लिखना शुरू किया। उनकी पहली पुस्तक “पुराणों का संक्षिप्त वैज्ञानिक अध्ययन” भारतीय विद्या भवन, मुम्बई से 1994 में प्रकाशित हुई।
साहित्य और संस्कृति सम्बंधी विषयों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है।

Rs.200.00

Publisher: Bhuvan Vani Trust, Lucknow
Author: आर. एन. वैद्य (R. N. Vaidya)
Language: Sanskrit Text with Hindi Translation
Cover: Hardcover

Weight 0.450 kg
Dimensions 8.7 × 5.7 × 6.7 in

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