-15%
, , , ,

Rashtrasevika Maa Ahilyabai Holkar: Queen of Malwa


“अहिल्याबाई होल्कर ने विपरीत परिस्थितियों में मालवा के शासन तंत्र की बागडोर अपने हाथ में सँभाली थी। अपनी मजबूत प्रशासनिक क्षमता, सादगी, धार्मिक कार्य और सांस्कृतिक मूल्यों पर दृढ़ रहकर उन्होंने भारत के ‘स्व’ के आधार पर अपनी राज-व्यवस्था को खड़ा किया था। अहिल्याबाई ने भारत के ‘स्व’ को जाग्रत् कर घोर अंधकार में अपने राज्य को एक प्रकाश-पुंज के रूप में तैयार किया था, जो कि सबके लिए प्रेरणा बन गया। देवी अहिल्याबाई होल्कर के कार्य, उनकी कार्यशैली के साथ ही एक सामान्य किसान की बेटी से मालवा की महारानी बनने की जीवनयात्रा अद्भुत और प्रेरणादायी है।

उनका बचपन, उनकी बुद्धिमत्ता, सच्चरित्रता, जिज्ञासु स्वभाव, साहस, धैर्य, विनयशीलता, निर्भीकता और रूढ़िवादिता के विरुद्ध सृजनात्मकता जैसे गुण उन्हें एक देवी और लोकमाता के रूप में प्रसिद्धि दिलाते हैं। अपनी प्रजा और धर्म के लिए किए गए कार्यों के कारण लोग उन्हें अपनी स्मृति में आज भी सहेजे हुए हैं। वास्तव में उनके सामाजिक कार्यों के कारण ही उन्हें पुण्यश्लोका अहिल्याबाई कहा गया है। इस पुस्तक में देवी अहिल्याबाई के जीवन के विविध कार्य और जीवन-प्रसंगों को बताने का प्रयास किया गया है। अत्यंत प्रेरक एवं पठनीय पुस्तक ।”

Rs.255.00 Rs.300.00

राष्ट्र के लिए स्वयं को समर्पित कर समाज-कार्य में रत श्री निखिलेश महेश्वरी सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ-साथ शिक्षाविद्, विचारक एवं लेखक के रूप में भी सुपरिचित नाम है। ‘राष्ट्रसेविका माँ अहिल्याबाई होल्कर’ उनकी चौथी पुस्तक है। इससे पूर्व ‘नर्मदा परिक्रमा : एक स्मरणीय यात्रा’, ‘राष्ट्रीयता के अमृत पुष्प’ एवं ‘राष्ट्रऋषि डॉ. बाबासाहब भीमराव अंबेडकर’ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। निखिलेशजी सन् 2000 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक हैं।

वर्तमान में सरस्वती शिशु मंदिर संचालित करने वाले शैक्षिक संगठन ‘विद्या भारती’ के मध्य भारत के प्रांत संगठन मंत्री का दायित्व है। मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के शाजापुर जिले के खोकरा कलाँ गाँव में 10 दिसंबर, 1981 को जनमे निखिलेशजी एक अच्छे वक्ता के रूप में भी जाने जाते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित संगोष्ठियों एवं कार्यक्रमों में मुख्य वक्ता के रूप में उनके व्याख्यान श्रोताओं द्वारा रुचि से सुने जाते हैं। राष्ट्रीय स्तर के दैनिक समाचार-पत्र, पत्रिकाओं में आलेख नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं। वर्तमान में विद्या भारती के भोपाल केंद्र में निवास।

Weight 0.350 kg
Dimensions 8.7 × 5.5 × 1.5 in
  •  Nikhilesh Maheshwari
  •  9789355623751
  •  Hindi
  •  Prabhat Prakashan
  •  1st
  •  2024
  •  168
  •  Soft Cover

Based on 0 reviews

0.0 overall
0
0
0
0
0

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.

There are no reviews yet.