Author Dr. Mayank Murari
ISBN 9789392573552
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2025
Number of pages 216
Binding Style Soft Cover
Sanatan Utsav Ka Desh
“भारतवर्ष की आत्मा उसकी धर्म और संस्कृति में बसती है। बिना इसके राष्ट्र-जीवन को कोई कल्पना नहीं है। राष्ट्र-जीवन का प्राण तीर्थ, पर्व, ऋतु राग, उत्सव में बसता है। तीर्थ देश का लघु रूप है तो पर्व काल का प्रवाह है। ऋतु राग है, तो उत्सव उस राग का रस है। सूर्य का आगमन भगवान् विष्णु का पहला चरण है, तो दोपहर दूसरा और सांध्यवेला तीसरा पग है।
यहाँ नदियाँ माता का आशीष हैं तो पहाड़ पिता का पुण्य है। हमारे पूर्वजों ने देश की दुर्गम और अलंघ्य पर्वत-श्रृंखलाओं में तीर्थयात्राओं के लिए कई स्थलों को जाग्रत् एवं तपस्थल का रूप दिया। भगवान् राम राज्याभिषेक के पूर्व तीर्थाटन करते हैं तो पांडव भी तीर्थयात्रा करते हैं। जीवन में सनातन की खोज ही भारतीय का लक्ष्य रहा और सनातन के तत्त्वों को तीर्थ, पर्व, उत्सव, और यात्राओं ने प्रगाढ़ किया है।
सनातन संस्कृति और परंपराओं का दिग्दर्शन करवाती ज्ञानवर्धक पठनीय पुस्तक ।”
Rs.315.00 Rs.350.00
| Weight | 0.450 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.7 × 1.7 in |
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