Author : Anjesh Baranwal
Language : Hindi
ISBN : 9798885750424
Publisher : Garuda Prakashan
Sangachchhadhvam: Sindhu Tat kaa Anaam Gaanv Vol 1
“संगच्छध्वम्” ऐसी कहानी है, जो खुले आकाश में पंख फैलाए अपनी कल्पना की उड़ान भरते हुए भी तथ्यों के धरातल को पूरी मजबूती के साथ पकड़े हुए है। ऐसा करते हुए यह कहानी ऋग्वैदिक काल के यथार्थ को प्रस्तुत करने का एक सत्यनिष्ठ प्रयास करती है। ऋग्वैदिक समाज, अर्थनीति, राजनीति, धर्म व कर्म इत्यादि से सम्बन्धित अनेकानेक तथ्यों को पिरोते हुए सृजित यह कहानी ज्ञानवर्धक होने के साथ ही साथ उद्देश्यपरक भी है। इसका लेखन किसी भी आयु-वर्ग के स्त्री-पुरुष को ध्यान में रख कर किया गया है, जो हमारी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति तनिक भी जिज्ञासु हैं।
Rs.339.00 Rs.399.00
| Weight | 0.280 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.57 × 1.57 in |
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‘हिंदुत्व’ शब्द में एक राष्ट्र, हिंदूजाति के अस्तित्व तथा पराक्रम के सम्मिलित होने का बोध होता है। इसीलिए ‘हिंदुत्व’ शब्द का निश्चित आशय ज्ञात करने के लिए पहले हम लोगों को यह समझना आवश्यक है कि ‘हिंदू’ किसे कहते हैं। इस शब्द ने लाखों लोगों के मानस को किस प्रकार प्रभावित किया है तथा समाज के उत्तमोत्तम पुरुषों ने, शूर तथा साहसी वीरों ने इसी नाम के लिए अपनी भक्तिपूर्ण निष्ठा क्यों अर्पित की, इसका रहस्य ज्ञात करना भी आवश्यक है।
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