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Sir Walter Scott ki Lokpriya Kahaniyan


“मार्टिन का मृत शरीर वहीं चर्च में ही उसी जगह दफना दिया गया, जहाँ वह मरा था। उसकी जमीन और संपत्ति का किसी ने दावा नहीं किया तथा उसका खँडहर बना महल यों ही वीरान पड़ा रहा। उसकी इस संपत्ति से वहाँ खदानों में काम करनेवाले जंगल के लोग भूत-प्रेतों के भय से दूर ही भागते थे। इस प्रकार जल्दबाजी में हासिल की गई बुरे तरीकों में लिप्त संपदा के परिणामस्वरूप मार्टिन की तकदीर का  उदाहरण दिया जाता रहा है।

रॉबिन का प्रस्थान एक छोटे शहर की ओर था, जहाँ उसके बहुत से स्त्री-पुरुष दोस्त भी रहते थे। रॉबिन की पहचान जिले के एक बेहतरीन जिम्मेदार और अच्छी कमाई करनेवाले हरकारे के रूप में थी। रॉबिन अपने व्यापार से काफी कमा सकता था, पर उसने एक या दो लड़के और अपनी बहन के बेटों को ही अपना सहयोगी बना  रखा था।

—इसी पुस्तक से

अपने समय के प्रतिष्ठित कथाकार सर वॉल्टर स्कॉट की भावप्रवण कहानियों का पठनीय संकलन, जो पाठकों को भावविभोर कर देगा”

Rs.255.00 Rs.300.00

  •  Walter Scott
  •  9789355622594
  •  HIndi
  •  Prabhat Prakashan
  •  1st
  •  2024
  •  144
  •  Soft Cover
Weight 0.350 kg
Dimensions 8.7 × 5.51 × 1.57 in

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