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Swarajya Ke Pathik


पुस्तक का नाम – स्वराज्य के पथिक

लेखक – वैद्य गुरुदत्त

स्वाधीनता आंदोलन से जुड़ी कथा,
क्रांतिकारीयो के प्रति सहानुभूति के कारण स्वाधीनता के पथ पर का नायक मधुसूदन, गांधीवादी पूर्णिमा द्वारा ठुकराए जाने के पश्चात अपना मानसिक संतुलन खो बैठा था। कई वर्ष पश्चात कुछ होश आने पर, परंतु अपनी स्मरणशक्ति के लोप होने के बाद भी स्वभावानुसार पुन: स्वाधीनता आंदोलन में कूद पड़ा ।
अहिंसात्मक आंदोलनों के असफल होने पर छात्रसंघ के नेता के रूप में अब वह स्वराज्य का पथिक था।

Rs.270.00 Rs.300.00

पथिक

Weight 0.600 kg
Dimensions 8.7 × 5.51 × 1.57 in

Author : Gurudutt
ISBN :978-9392129513
Language : Hindi
Publisher: Hindi Sahitya Sadan
pages : 332
Binding : PB

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