Language : Hindi
Binding : Paper Back
Publisher : Radhakrishna Prakashan
Author : Shivprasad Singh
Hindi Books, Lokbharti Prakashan, उपन्यास, सही आख्यान (True narrative)
Vidyapati
विद्यापति सौन्दर्य और प्रेम के कवि थे। सौन्दर्य के बारे में उनकी क्या धारणा थी,
अथवा उनके सौन्दर्यबोध का क्या स्तर था—आदि प्रश्नों पर काफ़ी विस्तार से विचार किया गया है।
गीत-काव्य के बारे में, उसके रूप और आत्मा को दृष्टि में रखकर बिलकुल नए ढंग से विचार किया
गया है। अन्त में विद्यापति के अवहट्ट-काव्य का भी संक्षिप्त मूल्यांकन दे दिया गया है। क्योंकि
यह उनके कृतित्व का एक बहुत महत्त्वपूर्ण भाग है।
Rs.540.00 Rs.600.00
| Weight | 0.450 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.7 × 1.5 in |
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