Publisher: Bhuvan Vani Trust, Lucknow
Author: डॉ. अर्देशीर फ़्रामजी ख़बरदार (Dr. Ardeshir Framaji Khabardar)
Language: Sanskrit Text with Hindi Translation
Cover: Hardcover
Zend Avesta
भुवन वाणी के देवनागरी अक्षयवट की देशी-विदेशी प्रकाण्ड शाखाओं में, संस्कृत, अरबी, फ़ारसी, उर्दू, हिन्दी, कश्मीरी, गुरमुखी, राजस्थानी, सिन्धी, गुजराती, मराठी, कोंकणी, मलयाळम, तमिळ, कन्नड, तेलुगु, ओडिसी, बंगला, असमिया, नेपाली, अंग्रेजी, हिब्रू, ग्रीक आदि के अनुपम संग्रहणीय, प्रातः पठनीय लगभग १२० वाङ्मय ग्रन्थ-प्रसून और किसलय खिल चुके हैं, अथवा खिल रहे हैं।
भूमण्डल पर देश-काल-पात्र के प्रभाव से मानव जाति, विभिन्न
लिपियाँ और भाषाएँ अपनाती रही है। उन सभी भाषाओं में अनेक दिव्य वाणियाँ अवतरित हैं, जो विश्वबन्धुत्व और परमात्मपरायणता का पथ प्रदर्शन करती हैं, किन्तु उन लिपियों और भाषाओं से अपरिचित होने के कारण हम इस तथ्य को नहीं देख पाते। अपनी निजी लिपि और अपनी भाषा में ही सारा ज्ञान और सारी यथार्थता समाविष्ट मानकर, दूसरे भाषा-भाषियों को उस ज्ञान से रहित समझते हुए हम भेद-विभेद के भ्रमजाल में भ्रमित होते हैं।
भूमण्डल की बात तो दूर, हमारे अपने देश ‘भारत’ में ही अनेक भाषाएँ और लिपियाँ प्रचलित हैं। एक ब्राह्मी लिपि के मूल से उत्पन्न होने के बावजूद उन सब से परिचित न होने के कारण हम अपने को परस्पर विघटित समझने लगते हैं। सारी लिपियाँ और भाषाएँ सीखना समझना सम्भव भी नहीं है।
सुतरां, यथासाध्य विश्व और अनिवार्यतः स्वराष्ट्र की सभी भाषाओं के दिव्य वाङ्मय को राष्ट्रभाषा हिन्दी और सम्पर्क लिपि नागरी में सानुवाद लिप्यन्तरित करके, क्षेत्रीय स्तर से बढ़ा कर उसे सारे राष्ट्र को सुलभ कराने, समस्त सदाचार-साहित्य निधि को सारे देश की सम्पत्ति बनाने का संकल्प ईश्वरीय प्रेरणा से मेरे पिता पद्मश्री पण्डित नन्दकुमार अवस्थी जी ने सन् १९४९ ई० में अपनाया। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने वर्ष १९६९ ई० में ‘भुवन वाणी ट्रस्ट’ की स्थापना की, जिसके प्रकाशनों की देश-विदेश में भरपूर सराहना की गई है। प्रस्तुत पवित्र पारसी-धर्मग्रन्थ ‘जेन्द-अवेस्ता’ भी भाषाई सेतु बन्ध की इसी पुष्कल श्रृंखला की एक कड़ी है।
अवेस्ता –
आर्यग्रन्थ दो ही हैं। ‘वेद’ या ‘अवेस्ता’ दोनों ही अटल आज तक स्वाभिमान से मानव धर्म की पताका फहराये हैं। वैदिक और अवेस्ती ये ही धर्म को अनेक रूपी न मानकर एकरूप ‘राइट्यसनेस’ मानते हैं। दोनों ही अपने निवास स्थान के नाम से प्रसिद्ध हैं। उनके धर्म का कोई भी पृथक् नाम नहीं।
Rs.1,000.00
| Weight | 1.350 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.7 × 6.7 in |
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