Author Shri K.P.S. Verma
ISBN 9789355625663
Language Hindi
Publisher Prabhat Prakashan
Edition 1st
Publication Year 2025
Number of pages 200
Binding Style Soft Cover
Zindagi Ki Geometry
“आम आदमी के स्तर पर बात करें तो विवेक का टकराव ही जीवन को अनिश्चितताओं से भर देता है और यह अनिश्चितता तब और बढ़ जाती है, जब हमको सही जानकारी से वंचित रखा गया हो, जब हमारे अपने ही समाज के समझदार लोगों के द्वारा सदियों से पाले जा रहे अंधविश्वासों से हम उबर नहीं पाते-शिक्षित होकर भी।
यदि हम पूर्वग्रहों से बाहर आ सकें, दूसरों के विचारों का खुले दिल से विश्लेषण करें और अपने विचारों से दूसरे लोगों को भी सच्चे मन से अवगत कराएँ एवं उनके अच्छे विचारों को ग्रहण करें तो उबाने वाली एकरसता नहीं, बल्कि समरसता आ सकती है समाज में, जो बड़ी बात होगी।
कहानी-संग्रह ‘जिंदगी की ज्योमेट्री’ की कहानियाँ अलग-अलग पृष्ठभूमि वाले लोगों के विवेक के एक अलग माहौल से, टकराव से उत्पन्न परिस्थितियों से जूझने की गाथाएँ हैं। कहीं कोई अपने विवेक के माहौल से टकराव के बाद टूट जाता है तो कहीं परेशानी की भट्ठी में तपकर और मजबूत होकर निकलता है। कहीं कोई बीच का रास्ता पकड़ लेता है, समझौता कर लेता है। माननीय संवेदना को स्पर्श करने वाली पठनीय कहानियों का संकलन।”
The Author
Rs.355.00 Rs.400.00
| Weight | 0.450 kg |
|---|---|
| Dimensions | 8.7 × 5.5 × 1.5 in |
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